मेरी और तेरी

सुबह ए बनारस मेरी अवध तेरी शाम होगी| पूरी ज़िंदगानी मेरी तेरे ही नाम होगी|| गर तू साथ चला मेरे तो ठीक वरना [...]

हसीन जिंदगी

जिंदगी कितनी हसीन है पर इसमें हजारों दर्द है। एक दर्द उस लड़की का भी जो अभी उड़ना ही सीख रही थी कि [...]

तेरी आरज़ू

गर ना तारीफ तेरी होती, ना फिर मज़ाक मेरा होता गर ना ज़मीं तेरी होती, ना फिर आसमाँ मेरा होता कट जाते ज़िन्दगी [...]

कहाँ जाऊं ?

अब कितना मुस्कुरा कर दर्द को छुपाऊ अपने ग़मो में बस यूँ ही ऐसे खो जाऊं सहन नहीं होता ज़िन्दगी तेरे दूरियों का [...]

वो…

इस तरह हमसे, वो जुदा हो गए । जैसे इंसान नहीं, वो खुदा हो गए ।। [...]