जगजीत सिंह की जिंदगी पर ‘कागज की कश्ती’ डॉक्युमेंट्री

गजल गायक जगजीत सिंह की जिंदगी पर फिल्म मेकर ब्रह्मानंद एस सिंह ने डॉक्युमेंट्री बनाई है. जो अगले साल 2018 फरवरी में रिलीज होने वाली है. जगजीत सिंह पर बनी इस डॉक्युमेंट्री का नाम ‘कागज की कश्ती’ है.

‘कागज की कश्ती’ उनके जीवन पर आधारित है. इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक छोटे कस्बे का लड़का संगीत की दुनिया में नाम कमाता और एक दुनियाभर में छा जाता है.

खालिस उर्दू जानने वालों की मिल्कियत समझी जाने वाली, नवाबों-रक्कासाओं की दुनिया में झनकती और शायरों की महफ़िलों में वाह-वाह की दाद पर इतराती ग़ज़लों को आम आदमी तक पहुंचाने का श्रेय अगर किसी को पहले पहल दिया जाना हो तो जगजीत सिंह का ही नाम ज़ुबां पर आता है.

‘कागज की कश्ती’ फिल्म की पर्दे पर उतारने वाले डायरेक्टर के अनुसार दिवंगत जगजीत सिंह के जीवन पर बनी यह फिल्म फरवरी, 2018 में रिलीज होगी. सिंह ने आसियान उत्कृष्टता शिखर बैठक से अलग बातचीत करते हुए यह जानकारी दी.

‘कागज की कश्ती’ डॉक्युमेंट्री को जगजीत सिंह के गृहनगर राजस्थान के श्रीगंगानगर और मुंबई में शूट किया गया है.इस फिल्म में जगजीत सिंह की पत्नि चित्रा के साथ-साथ कई दूसरे कलाकार भी नजर आएंगे.

जगजीत सिंह का नाम बेहद लोकप्रिय ग़ज़ल गायकों में शुमार हैं. उनका संगीत अंत्यंत मधुर है और उनकी आवाज़ संगीत के साथ खूबसूरती से घुल-मिल जाती है. उनकी ग़ज़लों ने न सिर्फ़ उर्दू के कम जानकारों के बीच शेरो-शायरी की समझ में इज़ाफ़ा किया बल्कि ग़ालिब, मीर, मजाज़, जोश और फ़िराक़ जैसे शायरों से भी उनका परिचय कराया.

जगजीत सिंह को सन 2003 में भारत सरकार द्वारा कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. फरवरी 2014 में आपके सम्मान व स्मृति में दो डाक टिकट भी जारी हुए हैं.