दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा 84दंगों के गवाह की सुरक्षा को बढ़ाएं

नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा कि विवादित हथियार कारोबारी अभिषेक वर्मा को दी गई अतिरिक्त सुरक्षा उस समय तक बढ़ा दी जाए जब तक कि झूठ पकडऩे वाली मशीन (लाई डिटेक्टर) से उनकी जांच नहीं हो जाती. वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में गवाह वर्मा की यह जांच इसी महीने के आखिर में होनी है.

अदालत ने दिल्ली पुलिस को वर्मा, उनकी पत्नी और मां की निजी सुरक्षा के लिए दो और जवानों को तैनात करने के अपने पूर्व के आदेश का पालन करने का भी निर्देश दिया.

न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार ने कहा कि लाई डिटेक्शन जांच होने तक यह सुरक्षा बढा दी जाए. इसके साथ ही अदालत ने वर्मा की याचिका का निपटारा कर दिया जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा बढाने का अनुरोध किया था.

कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर ने जांच कराने से इनकार कर दिया है. सीबीआई इस मामले में उनको क्लीन चिट दे चुकी है.वर्मा ने कुछ शर्त के साथ जांच की अनुमति दी है. उन्होंने कहा कि अगर उनको 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराई जाती है तो वह जांच करा सकते हैं क्योंकि उन्हें अपनी जान का भय है.

अदालत ने वर्मा से कहा, कोई भी पत्र लिख सकता है, आपको परेशान नहीं होना चाहिए। जिसके पास भी कोई दस्तावेज है, उसे धमकियां मिलती रहती हैं, इनमें न्यायिक अधिकारी भी शामिल हैं.

जब वर्मा के वकील मनिन्दर सिंह ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद भी उन्हें दो और सुरक्षाकर्मी नहीं मुहैया कराए गए, तब अदालत ने पुलिस को 27 सितंबर के आदेश का पालन करने को कहा.

वर्मा के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उनकी जांच तीन से छह अक्तूबर के बीच होनी थी लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया और अब यह दिवाली के बाद होगी.