8 लाख कॉलेज शिक्षकों को भी मिलेगा 7वें वेतन आयोग का लाभ

नयी दिल्ली . सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को उच्च शिक्षण संस्थानों के करीब 8 लाख शिक्षकों और अकादमिक स्टाफ के लिए संशोधित वेतनमानों को मंजूरी प्रदान कर दी.

 

इस फैसले से यूजीसी तथा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित काॅलेजों तथा 106 विश्वविद्यालयों के 7.58 लाख शिक्षकों तथा समकक्ष अकादमिक स्टाफ को फायदा होगा. इसके अलावा इस फैसले से राज्य सरकारों से सहायता प्राप्त 329 विश्वविद्यालयों और 12,912 कॉलेजों को भी फायदा होगा.

इस फैसले से सालाना केंद्रीय वित्तीय देनदारी करीब 9800 करोड़ रुपये होगी. इसके अलावा राज्यों पर पड़नेवाले भार को भी केंद्र नये फंडिंग पैटर्न के तहत राज्यों को मदद देगा.

इस संशोधन से शिक्षकों के वेतन में 10,400 रुपये से लेकर 49,800 रुपये तक की वृद्धि होगी. शिक्षकों के वेतन में अलग-अलग श्रेणियों में 22 प्रतिशत से लेकर 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी.

इस बढ़ोतरी के बाद सहायक प्राध्यापकों का वेतन अब 47 से बढ़कर 57,700 रुपये हो जायेगा, जबकि इन संस्थानों में पढ़ानेवाले वरिष्ठ प्रोफेसर का वेतन अब 1.75 से बढ़ कर 2.25 हो जायेगा.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुलायी गयी कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी गयी.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर के अनुसार पिछले कई सालों से केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों और राज्य सरकार के अधीन विश्वविद्यालयों और काॅलेजों में पढ़ा रहे अध्यापक और कर्मचारी अब तक इससे वंचित थे.

कॉलेज शिक्षकों के वेतनमान में इज़ाफ़े के लिए एक कमेटी गठित की गयी थी, जिसकी रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया है. विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को बढ़ा हुआ यह वेतन एक जनवरी 2016 से मिलेगा.

पिछले दिनों कमेटी ने यह रिपोर्ट मंत्रालय को दी थी. इसके तहत 18 से 20 फीसदी तक वेतन बढ़ाने की सिफारिश की गयी थी. इसका विवि के शिक्षक संगठनों ने विरोध भी जताया था.