सरकार के नए निर्देशों के अनुसार पुराने  500 रुपये के नोट 15  दिसंबर तक पेट्रोल पम्प और सरकारी सुविधाओं जैसे बिजली पानी के भुगतान के लिए इस्तेमाल किये जा सकते हैं. इसके अलावा इन्हें 30  दिसंबर तक बैंकों में भी जमा किया जा सकता है. 1000 के नोटों का इस्तेमाल पहले ही बंद किया जा चुका है. 1000 के नोटों को सिर्फ बैंकों में जमा करने का विकल्प ही मौजूद है.

what will happen to 500 and 1000 rupee notesलेकिन प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बंद किये गए 500 और 1000 रुपये के नोटों का इस अवधि के बाद किया होगा? विमुद्रीकरण के पश्चात 1800  करोड़ की संख्या में 500 और 1000 के नोट जिनकी वैल्यू 14  लाख करोड़ रुपये है, बेकार हो गए हैं. ये नोट बैंकों द्वारा जमा कर लिए जायेंगे और सर्कुलेशन से बाहर हो जायेंगे.

गवर्नमेंट सूत्रों ने बताया कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया जो भारत में करेंसी नोटों को छपता और जारी करता है, अब नोटों के बेकार ढेर को चिन्दी चिन्दी कर के रीसायकल कर देगा ताकि ये पूरी तरह से नष्ट हो जायेंगे.

अधिकाँश आरबीआई ब्रांचेज में स्थित श्रेडिंग सेंटर्स और बैंक इन नोटों को बण्डल बना कर श्रेडिंग के लिए भेजेंगे जहां इनकी छोटी छोटी कतरनें बनायी जाएँगी. इस रीसाइकल्ड करेंसी  को पल्प बना कर बाद में फिर से ऑफिस की स्टेशनरी आदि का कागज़ बनाया जायेगा.

यह रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया का बेकार हो चुकी करेंसी को डिस्पोज करने का नया तरीका है. पहले इस तरह के नोटों को जला कर नष्ट किया जाता था.

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आजकप पुराने नोटों को श्रेड कर पल्प बनाया जाता है और फिर छोटी छोटी ब्रिकेट्स बनायी जाती हैं जो ठोस और बेलनाकार होती हैं.

ध्यान रहे कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवम्बर को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में 500 और 1000 के पुराने नोटों के चलन को बंद करने की सूचना दी थी. तब से लेकर अभी तक बैंकों में लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा किये जा चुके हैं. अभी बैंकों में नोट जमा करने के लिए जनता के पास 30 दिसंबर तक का वक़्त है. इस समयावधि के बाद भी रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखाओं में पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदले जा सकते हैं.

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