Advertisements

अदनान सामी ने डलझील के किनारे सुनाए गीत

श्रीनगर. जाने-माने गायक अदनान सामी ने श्रीनगर में डल झील के किनारे अपने हिट गानों से श्रोताओं को आज मंत्रमुग्ध कर दिया। पाकिस्तान में जन्मे गायक ने कहा कि वह कश्मीर की प्राकृतिक सुन्दरता से समोहित हैं.

Advertisements

एकेआईसीसी लॉन्स में चुनिंदा श्रोताओं के सामने अपने गायन का प्रदर्शन करते हुए सामी ने अपने हिट गाने मैं सिर्फ तेरा महबूब से शुरूआत की।.गायक ने कहा, आज मुझे अहसास हुआ कि नरक है क्योंकि आज मैंने स्वर्ग (कश्मीर) देखा है.

गानों के बीच अपने जीवन के किस्सों को साझा करते हुए सामी ने कहा कि उनका जम्मू कश्मीर के साथ गहरा संबंध है. उन्होंने कहा, न केवल मेरी मां जम्मू से है बल्कि मैंने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत प्र यात संतूर वादक पंडित शिव कुमार शर्मा से सीखा और वह भी जम्मू के रहने वाले है.

Advertisements

राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने इस कंसर्ट का आयोजन किया था. केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू, जम्मू कश्मीर के कई मंत्री, नागरिक प्रशासन और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी इस कंसर्ट में शामिल हुए.

ब्रिटेन में पले-बढ़े पाकिस्तानी मूल के गायक और संगीतकार अदनान सामी का शायद भारत से रिश्ता जुड़ना पहले से तय था, तभी तो उनका जन्म भारत की आजादी के दिन यानी 15 अगस्त को हुआ! अदनान को लोग उनके गानों के लिए ज्यादा जानते हैं, लेकिन उन्होंने शुरुआत पियानो बजाने से की थी.

सिर्फ 5 साल की उम्र से वे पियानो बजा रहे हैं. पियानो पर अदनान की उंगलियां ऐसे दौड़ती हैं, जैसे 100 मीटर दौड़ में उसेन बोल्ट के कदम।खुद को पंचम दा का बड़ा फैन मानने वाले अदनान को बाद में महसूस हुआ कि उनकी प्रतिभा सिर्फ पियानो बजाने तक सीमित नहीं है, वह अच्छा गा भी सकते हैं.

उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा उन्होंने संतूर वादक पंडित शिवकुमार शर्मा से ली. अदनान का गाया गाना ‘लिफ्ट करा दे’ इतना हिट हुआ कि बॉलीवुड में उन्होंने अपने पांव पूरी तरह जमा लिए.’तेरा चेहरा’, ‘कभी तो नजर मिलाओ’ जैसी उनकी एलबम ने उन्हें रातोंरात स्टार सिंगर बना दिया. वे लगभग 100 से ज्यादा फिल्मों में गा चुके हैं.

Advertisements
Advertisements