अरुणाचल प्रदेश: वायुसेना का MI-17 हेलीकॉप्‍टर 7 की मौत

दिल्ली.अरुणाचल प्रदेश के तवांग में ट्रेनिंग के वक्त भारतीय वायु सेना का एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में सात सैन्यकर्मियों की जान चली गई, जिसमें पांच वायु सेना के कर्मचारी थे और दो सैन्यकर्मी थे. वहीं, एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है.

घटना भारत-चीन सीमा से तकरीबन 12 किलोमीटर दूर हुई. वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसा सुबह लगभग छह बजे हुआ। एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर तब ‘मैंटीनेंस मिशन’ पर था. हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सात की मौत हो गई.

एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. अधिकारी के मुताबिक, दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया गया है. आधिकारिक सूत्रों की मानें, तो हेलीकॉप्टर में सेना का कम से कम एक कर्मी सवार था.

माना जा रहा है कि हादसे में मरने वालों में भारतीय वायु सेना के दो पायलट भी शामिल हैं. हादसा वायुसेना दिवस से पहले हुआ है. भारतीय वायुसेना इस दिन को धूमधाम से मनाती है.

वायुसेना प्रमुख बी.एस. धनोआ ने कहा था कि शांतिकाल में होने वाली क्षति चिंता का विषय है. हम दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने और अपनी संपत्ति के संरक्षण के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं. वह हाल के वर्षों में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों और सेना के जेट विमानों की दुर्घटनाओं का हवाला दे रहे थे.

क्रैश में एयरफोर्स के दो ऑफिसर, एक मास्टर वारंट ऑफिसर और सार्जेंट रैंक के जवान सवार थे. वहीं सेना के दो सिपाही भी इसी हेलीकॉप्टर में थे. हेलीकॉप्टर जिस समय घटना का शिकार हुआ, उस समय वह एयर मेनटेंस मिशन पर था. एमआई-17 एक रशियन हेलीकॉप्टर है.

दुख की बात है कि यह हादसा तब हुआ है जब आईएएफ आठ अक्टूबर को अपनी 85वीं सालगिरह मनाने की तैयारी कर चुका है. बुमला, भारत और चीन की सीमा पर स्थित है और भारत के लिए कई मायनों में अहम है.

एयरफोर्स की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस घटना की वजहों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी के ऑर्डर दिए गए हैं। रेस्क्यू टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं.

यह क्रैश भारत-चीन बॉर्डर के नजदीक हुआ है. साल 2013 में जब केदारनाथ में भयंकर बाढ़ आई थी तो उस समय भी यही हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था. तब घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी जिसमें एयरफोर्स ऑफिसर समेत, एनडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान भी शामिल थे.