‘इन्शा अल्लाह’ में सूफी पीर के किरदार में रज़ा मुराद

परवीन अर्शी
दिल्ली. जाने माने चरित्र अभिनेता रज़ा मुराद जल्द रिलीज़ होने वाली फिल्म ‘इंशा अल्लाह ‘ में यादगार भूमिका की है. फिल्म में वे एक नेक दिल सूफी का मुख्य किरदार अदा कर रहे हैं. ‘इन्शा अल्लाह’ की ज़्यादातर शूटिंग लखनऊ में हुई है.

 

विश्व के किसी भी मुल्क से ज्यादा मुसलमान भारत में सुरक्षित हैं

फिल्म में बॉलीवुड कॉमेडियन राजपाल यादव और आकांछा दीक्षित की जोड़ी भी दिखाई देगी. फिल्म की पोस्ट प्रोडक्शन का काम मुंबई में जोर- शोर से किया जा रहा है. इसे जल्द ही प्रदर्शित किया जायेगा.

दिल्ली आये रज़ा मुराद ने हमारी संवाददाता को बताया कि उन्होंने 200 से ज़्यादा फिल्मों में विलेन और कैरेक्टर रोल किये हैं जिसे दर्शकों का प्रेम और हौसला मिला है लेकिन ‘इंशा अल्लाह’ में मेरे करियर का सबसे अलग और ख़ास रोल है.जिसे इंशा अल्लाह लोग ज़रूर पसंद करेंगें.

चर्चा में रज़ा साहब ने बताया कि फिल्म की कहानी और संवाद एक दम अलग हैं जिसमें मनोरंजन के साथ मैसेज भी देने की कोशिश की गई है. मेरे किरदार के बारे में कह सकता हूँ कि दर्शक उसे खूब पसंद करेंगे और ये किरदार बरसों लोगों के ज़हन पर चस्पां रहेगा.

उन्होंने बताया कि फिल्म के निर्माता डॉ. हेमंत यादव हैं और ‘इन्शा अल्लाह’ में वे खुद भी दिखाई देंगें. आदित्य फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनी ‘इन्शा अल्लाह’ को इस एंगल से बनाया गया हैकि जिसे हर तबके का व्यक्ति पसंद करेगा.

इस फिल्म के निर्माता हेमंत सिंह यादव, निर्देशक नज़र मोहरस्वी तथा दिलीप जान, लेखक-गीतकार नज़र, संगीतकार आसिफ इक़बाल, छायांकनकर्ता दिलीप जान, फाइट मास्टर हीरा यादव, डांस मास्टर अशोक मयंक तथा संतोष सर्वदर्शी, एडिटर धर्म सोनी, और ई.पी.निर्माता शमशेर खान हैं.

मुख्य कलाकार रज़ा मुराद,राजपाल यादव, शहीद तलवार, शैफाली, डॉ हेमंत यादव, शिव नंदिनी, अमित कश्यप, टी एन,पाठक, शमशेर खान वगैरह हैं.

राजधानी में फिलहाल रज़ा मुराद ‘रामलीला’ के सिलसिले में आए हैं उन्होंने कुम्भकर्ण का किरदार निभाया है. उन्होंने बताया कि फिल्मों में किरदार करना और लाइव ऑडियंस सामने प्ले करने में फ़र्क़ है.

फिल्मों में एक सीन में कई रीटेक हो सकते हैं लेकिन जब आप लाइव ऑडियंस के सामने होते हैं वहां रीटेक का मौक़ा नहीं मिलता लेकिन लाइव एक्टिंग अपना मज़ा होता है,इसीलिए मुझे रामलीला पसंद है.

रजा मुराद ने सम सामयिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए बताया कि हिंदू धर्म की तारीफ करते हुए कहा कि ये ऐसा धर्म है जो दुश्मनों को भी प्यार करता है। विश्व में सबसे उदार धर्म है ये। इस धर्म से ज्यादा कोई मिलनसार नहीं है.

बॉलीवुड फिल्म के 80 प्रतिशत दर्शक हिंदू हैं.ये दर्शक हिंदू-मुसलमान में फर्क करने लगे तो देश के सुपरस्टार की फेहरिस्त में शामिल सलमान, शाहरुख और आमिर जैसे एक्टर्स फ्लॉप हो जाएं। हमें जाना होता तो 70 साल पहले ही चले जाते…उन्होंने कहा कि यह मुल्क मां के समान है. मां और बेटे के रिश्ते तो सभी जानते है.

उन्होंने तंज़ करते हुए कहा कि देश में चंद दुकानें ही हैं जहां नफरत का सामान मिलता है. ऐसे लोगों की संख्या आटे में नमक के बराबर है. यह पूछे जाने पर कि वंदे मातरम, भारत माता की जय, जय हिंद बोलने में मुसलमान परहेज करते हैं, रजा मुराद ने जवाब दिया कि वे लोग मादरे वतन तो बोलते ही हैं.

विश्व के किसी भी मुल्क से ज्यादा मुसलमान भारत में सुरक्षित हैं, लेकिन एक पढ़े-लिखे व्यक्ति ने असुरक्षित महसूस करने की बात की है तो इस बयान को भारत सरकार को राजनीतिक बयानबाजी न समझकर चिंतन करने की जरूरत है.