एएमयू से ‘मुस्लिम’ और बीएचयू से ‘हिंदू’ शब्द हटेंगे

दिल्ली.सेंट्रल यूनिवर्सिटीज पर किए गए एक ऑडिट में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से ‘मुस्लिम’ और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से ‘हिंदू’ हटाने को कहा है.

यह ऑडिट यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा करवाया गया जिसमें 11 यूनिवर्सिटीज शामिल थीं। दरअसल, इन सभी यूनिवर्सिटीज में अनियमितताओं की बात सामने आई थी जिसके बाद सभी की जांच के आदेश दिए गए थे.बीएचयू का ऑडिट करने के लिए नहीं कहा गया था लेकिन रिपोर्ट में उसका नाम है.

AMU के अलावा पुदुचेरी यूनिवर्सिटी, इलाहबाद यूनिवर्सिटी, हेमवति नंदन बहुगुणा गड़वाल यूनिवर्सिटी, झारखंड की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, राजस्थान की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, जम्मू की सेंट्रल यूनिवर्सिटी, वर्धा का महात्मा गांधी अंतरर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, त्रिपुरा विश्वविद्यालय और मध्य प्रदेश की हरि सिंह गौर यूनिवर्सिटी का का भी ऑडिट होगा.

केंद्रीय विश्‍वविद्यालयों के एक सरकारी ऑडिट में सलाह दी गई है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) और बनारस हिन्‍दू यूनिवर्सिटी (BHU) के नाम से क्रमश: ‘मुस्लिम’ व ‘हिन्‍दू’ शब्‍द हटा लिया जाए. ताकि विश्‍वविद्यालयों का सेक्‍युलर चरित्र प्रदर्शित हो सके.

विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा बनाई गई पांच कमेटियों में से एक ने यह ऑडिट 25 अप्रैल को मानव संसाधन मंत्रालय के कहने पर किया था. मंत्रालय 10 केंद्रीय विश्‍वविद्यालयों में अनियमितताओं की शिकायतों की जांच चाहता था.

एएमयू और पांडिचेरी का निरीक्षण करने वाली कमेटी में आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर श्रीपाद करमालकर, म‍हर्षि दयानंद सरस्‍वती यूनिवर्सिटी के वीसी कैलाश सोदानी, गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मज़हर आसिफ और आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर संकर्षण बसु शामिल थे.

एएमयू ऑडिट में कमेटी ने सुझाव दिया कि संस्‍थान को या तो सिर्फ ‘अलीगढ़ यूनिवर्सिटी’ कहा जाए या फिर इसके संस्‍थापक, सर सैयद अहमद खान के नाम पर रख दिया जाए. यही वजह बीएचयू का नाम बदलने के लिए भी दी गई.

एक अंग्रेजी दैनिक के अनुसार ऑडिट रिपोर्ट में लिखा है कि AMU का नाम सिर्फ अलीगढ़ यूनिवर्सिटी या फिर उनके फाउंडर सर सय्यद अहमद खान के नाम पर कर दिया जाए.

इसी तरह बीएचयू के नाम में भी बदलाव की बात कही गई है.दोनों केंद्र सरकार द्वारा फंड प्राप्त करने वाली यूनिवर्सिटीज हैं. रिपोर्ट में एएमयू को सामंती सोच वाली यूनिवर्सिटी बताया गया है जो मुस्लिमों के लिए काम करती है.रिपोर्ट में और भी कई अनियमितताओं का जिक्र है.