Kis Jagah Jakar Milti Hai Buri Aatmaon Ke Saye Se Mukti? Aur Kaise?

आत्माओं का मनुष्य शरीर पर कब्जा कर लेने जैसी घटनाएं अकसर सुनी जाती हैं, इनमें से कितनी सच हैं और कितनी झूठ ये तो हमें नहीं पता लेकिन आपको ये बात जानकर काफी हैरानी होगी कि बहुत से ऐसे राज्य हैं जहां जीवित मनुष्य को मृत आत्माओं के कब्जे से रिहा करवाए जाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है।

आत्माओं का मनुष्य शरीर पर कब्जा कर लेने जैसी घटनाएं अकसर सुनी जाती हैं, इनमें से कितनी सच हैं और कितनी झूठ ये तो हमें नहीं पता लेकिन आपको ये बात जानकर काफी हैरानी होगी कि बहुत से ऐसे राज्य हैं जहां जीवित मनुष्य को मृत आत्माओं के कब्जे से रिहा करवाए जाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है।Kis Jagah Jakar Milti Hai Buri Aatmaon Ke Saye Se Mukti

धर्म चाहे कोई भी हो, सभी में ऊपरी हवाओं, आत्माओं, पिशाचों, रूहों, जिन्नों का उल्लेख किया गया है।

फिल्मों और कहानियों में तो आपने कई बार शरीर को भूत-प्रेत से मुक्त करवाते लोगों को देखा होगा, इस प्रक्रिया को अंग्रेजी में एक्सोरसिज्म कहा जाता है। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताएंगे जहां यह सब वाकई होता है।

  1. गुजरात की हजरत सईद अली मिरा दतर दरगाह

गुजरात की हजरत सईद अली मिरा दतर दरगाह के पास से गुजरने वाले लोग आसानी से भीतर से आने वाली उन आवाजों को सुन सकते हैं जिनके शरीर पर जिन्नों ने कब्जा कर रखा है।

पीड़ित व्यक्ति अपने परिवारवालों या निकटजनों के साथ यहां 800 रुपए में कमरा लेकर रहते हैं। यहां रहकर उनका इलाज किया जाता है, यानि कि जब तक जिन्न उन्हें आजाद नहीं कर देता, तब तक उनका वास यही होता है।

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पीड़ित व्यक्तियों को दीवार के साथ जंजीरों से जकड़कर रखा जाता है, ताकि वे किसी दूसरे को परेशान ना कर सकें।

इस मंदिर में प्रतिवर्ष भूत मेला का आयोजन किया जाता है, जहां प्रेत-आत्माओं की चपेट में रहने की वजह से परेशान लोगों का इलाज किया जाता है। दूर-दराज से लोग यहां मदद की उम्मीद लेकर आते हैं।

पवित्र सामग्रियों के प्रयोग से बुरी आत्माओं को शरीर छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है। इसके अलावा कपूर को पीड़ितों की हथेलियों और तलवों पर रगड़ा जाता है ताकि वे जल्द से जल्द सही हो सकें।

हर पूर्णिमा की रात इस मंदिर में परिवारजन अपने भूत बाधा से पीड़ित व्यक्ति को लेकर आते हैं। जिन लोगों के भीतर बुरी आत्माओं का वास होता है वे तरह-तरह से भागने का प्रयत्न करते हैं, लेकिन उन्हें ठीक करने के बाद ही यहां से जाने दिया जाता है।

वैसे तो निजामुद्दीन दरगाह को एक पर्यटक स्थल की तरह देखा जाता है, लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि यहां शैतानी ताकतों की चपेट में आ चुके लोगों का इलाज भी किया जाता है।

यहां एक ऐसा कमरा है जहां लोगों को ऊपरी हवाओं से मुक्ति दिलवाने की क्रिया को अंजाम दिया जाता है।

  1. राजस्थान का मेहंदीपुर बालाजी

हनुमान जी के बालाजी स्वरूप को समर्पित इस मंदिर में बहुत ही कठोरता के साथ पीड़ितों का इलाज किया जाता है। जिन लोगों के शरीर पर आत्माओं ने कब्जा कर रखा है, उनके शरीर पर खौलता पानी तक डाला जाता है।

इसके अलावा पत्थर मारना और जंजीरों से जकड़कर रखने जैसी स्थिति भी देखी जा सकती है।

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इस मंदिर के लिए कहा जाता है कि एक बार मंदिर से निकलने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए, क्योंकि आत्माएं फिर से नया शरीर अपने कब्जे में करने की कोशिश करती हैं।

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रेहान अहमद
मित्रों मेरा नाम रेहान अहमद है और मैं आप सभी के लिए भिन्न भिन्न प्रकार के निबंध लिखता हूँ! हिंदी साहित्य में अत्यधिक रूचि है जिसे हिन्दीवार्ता के माध्यम से उभार रहा हूँ! आशा है आप सभी को मेरे लेख पसंद आएँगे. किसी प्रकार की त्रुटि या सुझाव के लिए कमेंट करें या मुझसे फेसबुक पर संपर्क करें. धन्यवाद!