क्यूबा के अमेरिकी दूतावास पर हैल्थ अटैक

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न्यूयार्क.क्यूबा के हवाना स्थित अमेरिकी दूतावास पर राजनयिकों पर रहस्मयी हमले की पर्त खुलने लगी है. बीते एक महीने से जारी इस हेल्थ अटैक से अभीतक 21 से ज्यादा अमेरिकी राजनयिक बहरे हो चुके हैं और कुछ राजनयिक मानसिक बिमारी से ग्रस्त हैं. हवाना में दूतावास पर इस सिलसिलेवार हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जल्द से जल्द दूतावास को बंद करने का दबाव बढ़ने लगा है.

अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा कि देश के राजनयिकों पर रहस्यमय स्वास्थ्य हमलों और 50 साल के गतिरोध के बाद अमेरिका, क्यूबा में दो साल पहले खोले गए अपने दूतावास को फिर से बंद कर सकता है.इस हमले की शिकायतें बढ़ने के बाद क्यूबा पर भी अमेरिका से एक बार फिर रिश्ता खराब होने का डर बढ़ रहा है. इसी दबाव में क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कैस्त्रो को अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई को जांच के लिए हवाना पहुंचने की मंजूरी देनी पड़ी.

अमेरिकी मिशन के कम से कम 21 सदस्यों और कुछ कनाडाइयों को मस्तिष्क में क्षति पहुंची है और श्रवण शक्ति का हृास हुआ है. इसकी वजह ध्वनि हमलों को बताया जा रहा है. हालांकि अधिकारी इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कह पा रहे हैं.घटनाएं पिछले साल शुरू हुईं और हालिया घटना अगस्त में हुई.इससे आवाज की शिकायत के बाद ज्यादातर राजनयिकों ने चोट, जी मचलने, बहरेपन और याद्दाश्त खोने की शिकायत की है.

बीते एक महीने से ज्यादा समय से हवाना शहर में स्थित अमेरिकी दूतावास पर किसी रेडियोधर्मी अथवा सोनार तरंगों से हमला किया जा रहे है. इस हमले से लगातार अमेरिकी दूतावास में रह रहे राजनयिकों का स्वास्थ बिगड़ रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक अभी तक 21 से ज्यादा राजनयिक इस सोनार तरंगों के हमले की चपेट में आ चुके हैं.

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रहस्मयी तरंगों से घायल हुए राजनयिक बहरेपन की शिकायत कर रहे हैं और इसके अलावा उनकी मानसिक स्थिति (ब्रेन ट्रॉमा) भी खराब हो रही है. इस हमले की शुरुआती शिकायतें पिछले साल से ही आने लगी थी. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक पिछले साल क्यूबा में कुछ अमेरिकी राजदूतों ने अजीब-अजीब आवाजें सुनाई देने की शिकायत की थी.

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