गुजरात चुनाव में अपनी अपनी ताकत आज़मातीं राजनीतिक पार्टियां

दिल्ली.प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का इस माह का ये तीसरा गुजरात दौरा है,चुनावी सरगर्मियां तेज़ हो चुकी हैं. भाजपा जहां अपना गढ़ बचाने की पूरी कोशिश में जुटी है वहीं कांग्रेस भी अपनी साख बचाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही है.इस बार गुजरात चुनाव को एक नवागत युवा तिकड़ी अलग रंग देगी.

जिसमे शामिल हैं पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर. शनिवार को ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान कर दिया.

सोमवार को अल्पेश गांधीनगर में एक रैली करेंगे जिसमें उसी मंच पर औपचारिक तौर पर अल्पेश कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे.इस रैली मे राहुल गांधी भी शामिल रहेंगे.

एक खबर के अनुसार अल्पेश चाहते हैं कि सरकार गरीबों और पिछड़ों के हित में काम करे,अपनी व्यवस्था में परिवर्तन लाए,उन्होने कई बार गुजरात सरकार के सामने यह बात रखी लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया.

कांग्रेस में शामिल होने पर उन्होंने अपने विचार रखे कि राहुल गांधी भी चाहते हैं की गुजरात में पिछड़ों और गरीबों का विकास हो. जब हमारे विचार समान हैं तो हमारे लिए आगे काम करना आसान होगा.इसीलिए हमने उनके साथ जाने का निर्णय ले लिया. दूसरी ओर हार्दिक और जिग्नेश भी भाजपा के ख़िलाफ़ हैं.

इससे पहले हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवाणी और अल्पेश ठाकोर को कांग्रेस में शामिल होने का न्यौता दिया था. जिसे अल्पेश ने स्वीकार कर लिया है.हार्दिक और जिग्नेश ने फिलहाल राहुल गांधी से नहीं मिले. लेकिन खबरों के अनुसार हार्दिक और जिग्नेश पहले ही कांग्रेस का साथ देने की बात कह चुके हैं.

अल्पेश ठाकोर के कांग्रेस के साथ आने के बाद गुजरात में कांग्रेस की स्थिति मजबूत होती नज़र आ रही है.इस तिकड़ी के कांग्रेस मे शामिल होने से कांग्रेस मज़बूत होती दिखाई दे रही है.

बीच हार्दिक पटेल के दो करीबी साथी वरुण पटेल और रेश्मा पटेल ने बीजेपी में शामिल होकर उन्हें गहरा झटका दिया है. गुजरात में चुनाव की तारीखों का ऐलान होना अभी बाक़ी है.

गुजरात में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. सत्ताधारी पार्टी बीजेपी किसी भी तरह यह मौका नहीं खोना चाहती.दोनों पार्टियां जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं.