गुजरात में गरबा देख रहे दलित की पीट-पीटकर हत्या कर दी

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अहमदाबाद.गुजरात में हाल-फिलहाल के समय में दलितों पर अत्याचार की कई घटनाएं देखने और सुनने को मिली हैं. कल ही गुजरात के 300 से ज्यादा दलितों ने बौद्ध धर्म अपना लिया था. लेकिन इसके बावजूद गुजरात सहित देश के बाकी हिस्सों में दलितों पर अत्याचार नहीं रुक रहे हैं.

गुजरात  के आणंद में एक 21 वर्षीय दलित युवक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. उसका दोष यह था कि वह ऊंची पटेल जाति के गरबा कार्यक्रम में शामिल हो गया था. पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों पर केस दर्ज किया है.

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पुलिस के अनुसार जयेश सोलंकी, उसका चचेरा भाई प्रकाश व दो अन्य भद्राणिया गांव में एक मंदिर के पास मकान के चबूतरे पर बैठकर गरबा देख रहे थे. तभी किसी व्यक्ति ने उनकी जाति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की.आरोपियों ने कहा कि दलितों को गरबा देखने का अधिकार नहीं है और कुछ लोगों को बुलवा लिया.

मौके पर पहुंचे ऊंची जाति के लोगों ने दलितों पर हमला कर दिया. जयेश का सिर दीवार में दे मारा. जयेश को गंभीर हालत में करमसाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

पुलिस ने कहा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. इसी साल गुजरात में चुनाव होने जा रहे हैं. पिछले साल गोरक्षा के नाम पर ऊना कस्बे में चार दलित युवकों की बर्बर पिटाई का मामला काफी तूल पकड़ा था.

डीसीपी जेएन देसाई जोकि इस मामले की जांच कर रहे हैं ने बताया कि सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे आगे की पूछताछ चल रही है.

आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 143 गैरकानूनी तरह से इकट्ठा होने, 323 जानबूझकर मारपीट, 302 हत्या, 504 भड़काऊ भाषण, अपशब्द का इस्तेमाल व एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

उन्होंने बताया कि यह घटना पहले से सुनियोजित नहीं लगती है, जयेश की हत्या बहस और झगड़े के बाद की गई, दोनों के बीच किसी भी तरह की दुश्मनी भी नहीं थी, हम इस मामले की हर परिपेक्ष्य में जांच कर रहे हैं.

इस घटना के पहले गांधीनगर के निकट एक गांव में 25 और 29 सितंबर को हुईं दो अलग-अलग घटनाओं में मूंछे रखने पर ऊंची जाति के राजपूत समुदाय के लोगों ने दो दलितों की पिटाई कर दी थी. 29 सितंबर को हुई घटना के आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.

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