डोकलाम में चीन ने फिर की घात

नई दिल्ली। चीन ने डोकलाम में उस जगह के पास बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को तैनात कर रखा है जहां 73 दिन तक भारत और चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध रहा था. इससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर तनाव अभी तक कम नहीं हुआ है.

सूत्रों के अनुसार  डोकलाम को लेकर चीन और भूटान के बीच क्षेत्रीय विवाद रहा है तथा भारत इस मुद्दे पर भूटान का समर्थन कर रहा है. भारत और चीन की सेनाओं के बीच डोकलाम में 16 जून से 73 दिन तक गतिरोध की स्थिति बनी रही थी. इससे पहले भारत की सेना ने सड़क के निर्माण पर रोक लगा दी थी.

गतिरोध के दौरान भूटान और भारत एक दूसरे से संपर्क में रहे जो गत 28 अगस्त को समाप्त हुआ. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने यातुंग में अग्रिम चौकी पर सैनिकों की संख्या और बढ़ा दी है. सूत्रों के मुताबिक डोकलाम पठार में चीन के सैनिकों को तैनात किया गया है लेकिन सर्दियों में वे इलाका छोड़कर चले जाते हैं।

डोकलाम के बारे में बताएं मोदी जी: राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनसे पूछा कि अगर वह अपनी पीठ थपथपा चुके हों तो चीन द्वारा डोकलाम इलाके में सड़क निर्माण की खबरों के बारे में देश को जानकारी दें.

राहुल गांधी ने 500 सैनिकों की निगरानी में, चीन ने डोकलाम में सड़क चौड़ी की शीर्षक वाली खबर को टैग करते हुए ट्वीट किया, मोदीजी, एक बार जब आप अपनी पीठ थपथपा चुके हों तो कृपया इस बारे में जानकारी देंग?

फिर से सड़क बनाने का काम शुरू कर सकता है चीन

सूत्रों का यह भी दावा है कि चीनी सैनिकों ने फिर से सड़क निर्माण का काम शुरू करवा दिया है. यह जगह भारत के चिकन नेक कॉरिडोर के बेहद करीब है और पहले भी यहीं पर चीनी सेना सड़क बनवा रही थी. जिसे भारतीय सेना ने रुकवा दिया था.

पाकिस्तान ने भी ऐसे ही की थी धोखा देने की कोशिश

चीन की यह चाल वैसी ही है, जैसी पाकिस्तान ने करगिल में भारत को धोखा देने की कोशिश के लिए की थी. जब बर्फ गिरने के बाद दोनों देश की सेनाएं अपनी पोस्ट से नीचे आईं, तो उसने कब्जा करने की कोशिश की. यहां भी बातचीत के बाद चीन डोकलाम पर कब्जा करने की कोशिश में लगा हुआ है.