तीनों सेनाओं को शिक्षा देने वाला देश का अनूठा विश्वविद्यालय जामिया

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नई दिल्ली.जामिया मिल्लिया इस्लामिया और भारतीय सेना के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए जिसके तहत सेना के जवान और अधिकारी इस विश्वविद्यालय से ओपन लर्निंग के जरिए स्नातक और स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर सकेंगे.

कुलपति प्रो अहमद ने इसे जेएमआई का सौभाग्य बताया कि उसे तीनों सेनाओं के जवानों को शिक्षित करने का विशेष अवसर मिला है.भारतीय वायु सेना और नौसेना का इस विश्वविद्यालय के साथ इस तरह का करार पहले से ही है.

जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय (जेएमआई) ने बताया कि जेएमआई में  इस सहमति पत्र पर रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय के एजुटेंट जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी कुमार तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो तलत अहमद ने हस्ताक्षर किए.

भारतीय सेना के साथ भी इस तरह के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हो जाने से यह तीनों सेनाओं को शिक्षा देने वाला देश का अनूठा विश्वविद्यालय बन गया है.

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इस कार्यक्रम को तालीम-ए-तरक़्की का नाम दिया गया है. बयान में कहा गया है कि भारतीय वायु सेना और नौसेना के 12 हजार से अधिक जवान पूर्व में हुए इस तरह के सहमति पत्र के तहत जेएमआई से शिक्षा ले रहे हैं.

करार पर हस्ताक्षर होने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल अश्विनी कुमार ने कहा कि जेएमआई जैसे संस्थान के साथ आज अष्टमी के अवसर पर इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होना और भी शुभ हो गया है.

जामिया सूत्रों के अनुसार सेना में सामान्य तौर पर 16-17 साल की उम्र में जवान भर्ती होकर 35-36 साल की आयु में सेवानिवृत्त हो जाते हैं.

ऐसे में जेएमआई के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ओपन लर्निंग के जरिए स्नातक और पीजी की पढ़ाई करके वे सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने लिए नौकरी के अच्छे वैकल्पिक अवसर पा सकेंगे.

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