देश को कब मिलेगी इन हादसों से निजात

मुंबई/दिल्ली. मुंबई के परेल-एलफिंस्टन रेलवे ब्रिज पर भगदड़ की वजह से 22 लोगों की मौत हो गयी. करीब 36 लोग हादसे में घायल गंभीर रूप से घायल हुए हैं. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया है.

महाराष्ट्र सरकार घायलों का इलाज कराने के साथ ही मृतकों के परिजनों को 5 लाख रूपये देगी.ये पहला मौका नहीं है, जब इस तरह का हादसा हुआ हो. पिछले साल भी अक्टूबर के महीने में यूपी के वाराणसी में राजघाट पर इसी तरह की भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई.

देशभर में हर साल किसी न किसी जगह इसी तरह के हादसे बदस्तूर जारी है। अगर पिछले 10 बड़े हादसों की बात करें तो अब तक इसकी वजह 647 लोग अपनी जान गवा चुके हैं।

एक साल में हुए बड़े रेल हादसे

20 नवंबर 2016:यूपी में कानपुर के पास पुखरायां में इंदौर पटना एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 150 यात्रियों की मौत.
22 जनवरी 2017:आंध्र प्रदेश के विजयानगरम जिले में हीराखंड एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 39 लोगों की मौत.
19 अगस्त 2017:यूपी में मुजफ्फरनगर के खतौली में उत्कल एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 22 लोगों की मौत.

23 अगस्त 2017:यूपी में औरैया में कैफियत एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरे, 70 से ज्यादा जख्मी.

29 सितंबर 2017:मुंबई के एलफिंस्टन रोड स्टेशन पर रेलवे फुटओवर ब्रिज पर हादसा, 22 लोगों की मौत.

इस साल अब तक रेलवे से 34 जुड़े हादसे हो चुके हैं जिनमें 79 लोगों की मौत हुई. सुरेश प्रभु के रेल मंत्री रहते 3 साल में 300 से ज्यादा छोटी बड़ी रेल दुर्घटनाएं हुई. पीयूष गोयल के रेल मंत्री के रूप में 26 दिन के कार्यकाल में 3 रेल हादसे हुए हैं. पीयूष मंत्री के रहते अब चौथा बड़ा हादसा मुंबई के एलफिंस्टन रोड स्टेशन पर हुआ है.

भगदड़ के 10 बड़े हादसों में अब तक 647 लोगों की हो चुकी है मौत

»3 अगस्त, 2006 को हिमाचल प्रदेश में सबसे बड़ा हादसा हुआ था। यहां नैना देवी मंदिर में भगदड़ मची गई। इस भगदड़ में 160 श्रद्धालु मारे गए थे। इनके अलावा 400 से भी ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

»30 सितंबर, 2008 को राजस्थान में जोधपुर के चामुंडा देवी मंदिर में भगदड़ मचने से करीब 120 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इस हादसे में 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। यहां ये भगदड़ नवरात्रि के त्योहार के दौरान मची थी।

»14 जनवरी, 2011 को केरल में सबरीमाला मंदिर में अब तक की सबसे विकराल भगदड़ थी। इस भगदड़ में 106 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। वहीं 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

»13 अक्टूबर, 2013 को मध्यप्रदेश के दातिया में रत्नगढ़ मंदिर के पास भगदड़ मची। इसमें करीब 89 लोगों की मौत हो गई। इनके अलावा करीब 100 लोग घायल हो गए थे। ये भगदड़ इस मंदिर के पास एक पुल पर हुई थी।

»4 मार्च, 2010 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में राम-जानकी मंदिर में भगदड़ मचने से 63 लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। ये भगदड़ उस समय मची जब कृपालु महाराज की पत्नी की पुण्यतिथि के मौके पर कपड़े और खाना बांटा जा रहा था ।

»27 अगस्त 2003 को नासिक में कुंभ मेले के दौरान पवित्र स्नान के बाद भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 40 लोग मारे गए थे। इनके अलावा 125 श्रद्धालु घायल भी हो गए थे।

»10 फरवरी, 2013 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में कुंभ मेले के दौरान रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई थी। इस भगदड़ में करीब 36 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 39 लोग घायल हो गए थे।

»8 नवंबर 2011 को हरिद्वार में हर की पौड़ी पर भगदड़ मच गई. इस भगदड़ में 22 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल भी हो गए।

»19 नवंबर, 2012 को बिहार के पटना में अदालत गंज क्षेत्र के एक घाट पर भगदड़ मच गई। ये भगदड़ छठ पूजा के दौरान मची थी। इस घटना में करीब 20 लोगों की मौत हो गई थी। इनके अलावा बड़ी संख्या में लोग घायल भी हो गए थे।

»10 अगस्त, 2015 को देवघर (झारखंड) के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में अचानक भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत हो गई थी। इनके अलावा इस घटना में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए। मरने वालों में 10 पुरुष और 01 महिला शामिल बताई गई।