नॉर्थ कोरिया ने जापान पर मिसाइल दागी,अलर्ट जारी

अमेरिका की चीन-रूस से अपील

टोकियो/वाशिंगटन. नॉर्थ कोरिया ने एक हफ्ते के भीतर लगातार दूसरी बार जापान की सीमा में मिसाइल का परीक्षण किया है. नॉर्थ कोरिया ने इस मिसाइल का परीक्षण उत्तरी जापान के द्वीप होकाइडो के ऊपर किया है.नॉर्थ कोरिया के इस मिसाइल परीक्षण के बाद अमेरिका और जापान की अपील पर यूएन सेक्युरिटी काउंसिल ने आपातकाल बैठक बुलाई है. नार्थ कोरिया को सबक़ सीखने के लिए अमेरिका ने चीन और रूस से अपील की है. सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नार्थ कोरिया को नियंत्रित नहीं किया तो तीसरे महायुद्ध को टालना असंभव होगा.

दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि नॉर्थ कोरिया पर हाल ही में जिस तरह से यूएन ने प्रतिबंध लगाए हैं उसके बाद यह पहला परीक्षण किया है. यह परीक्षण गुरुवार की सुबह सात बजे किया गया है. इस मिसाइल ने तकरीबन 17 मिनट के लिए उड़ान भरी थी. इस लॉच के तुरंत बाद जापान ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने को कहा है. साथ ही लोगों को इस निर्देश दिया गया है कि वह किसी भी संदिग्ध चीज को हाथ नहीं लगाए.एक माह से भी कम समय में उत्तर कोरिया ने इस तरह का यह दूसरा मिसाइल प्रक्षेपण किया है.

वहीं नॉर्थ कोरिया के इस मिसाइल परीक्षण के बारे में साउथ कोरिया की सेना ने कहा कि नॉर्थ कोरिया ने इस मिसाइल का परीक्षण होकाइडो द्वीप पर 770 किलोमीटर की उंचाइ पर किया गया, इस मिसाइल ने लैंड करने से पहले 3700 किलोमीटर का सफर तय किया है. वहीं नॉर्थ कोरिया की इस हरकत पर अमेरिका के विदेश सचिव स्टेट रेक्स टिलर्सन ने कहा कि चीन और रूस को नॉर्थ कोरिया के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. चीन और रूस नॉर्थ कोरिया के आर्थिक सहयोगी हैं, एक तरफ जहां चीन नॉर्थ कोरिया को तेल का निर्यात करता है तो रूस नॉर्थ कोरिया को सबसे अधिक कामगार मुहैया कराता है। लिहाजा दोनों देशों को नॉर्थ कोरिया के खिलाफ कार्रवाई का स्पष्ट संदेश देना चाहिए.

शिंजो आबे ने संवाददाताओं से कहा, हम यह कभी बर्दाश्त नहीं कर सकते कि शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के उस दृढ़ एवं एकजुट संकल्प को उत्तर कोरिया प्रभावित करे जो संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्रों में जाहिर हुआ है. हम इस क्रूर कृत्य के खिलाफ एक बार फिर एकजुट हैं.उन्होंने कहा, अगर उत्तर कोरिया इस रास्ते पर लगातार चलता रहेगा तो उसका कोई भविष्य नहीं होगा. हमें उत्तर कोरिया को यह समझाना होगा.उत्तर कोरिया के एक और मिसाइल परीक्षण करने के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा, ‘चीन अपना अधिकतर तेल उत्तर कोरिया को मुहैया करवाता है. रूस उत्तर कोरियाई मजदूरों की बड़ी संख्या में नियुक्ति करता है. चीन और रूस को उस पर प्रत्यक्ष कार्रवाई करते हुए उसके लापरवाही भरे मिसाइल प्रक्षेपणों के खिलाफ अपनी असहिष्णुता जाहिर करनी चाहिए.’