पाकिस्तान को खुलेआम ‘टेररिस्तान’ कहने वाली ईनम गंभीर

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नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली सचिव ईनम गंभीर ने संयुक्त राष्ट्र संघ में जिस बेबाकी से अपनी बात राखी उसे लेकर पूरी दुनिया में चर्चे हो रहे हैं. ईनम ने संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में पाकिस्तान को ऐसा करारा जवाब दिया कि वहां मौजूद हर कोई शख्स हैरान रह गया.

ईनम ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर साबित करके दिखाया है कि महिलाएं किसी भी मामले में पीछे नहीं हैं. फिर चाहे बात पड़ोसी मुल्क से कूटनीतिक तरीके से ही निपटने की क्यों न हो.ईनम ने अपने भाषण में पलटवार करते हुए कहा था, ‘पाकिस्तान अपने छोटे से इतिहास में आतंक का पर्याय बन चुका है.

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वह ज़मीन जिसे पाक बनाना था वह अब वास्तव में आतंक की ज़मीन बन चुकी है.पाकिस्तान के आरोपों का मुंहतोड़ जवाब देते हुए ईनम गंभीर ने संयुक्त राष्ट्र में सबके सामने पाकिस्तान को टेररिस्तान करार देते हुए कहा था कि पाकिस्तान लगातार आतंकियों को पनाह दे रहा है.

ईनाम ने कहा जो देश ओसामा बिना लादेन और मुल्ला उमर को पनाह देता है, वही पीड़ित होने का दावा कर रहा है. पाकिस्तान में हाफिज सईद जैसे आतंकी बैठकर आतंकवादी गतिविधियां चला रहे हैं. ईनम के इस भाषण को लोगों की खूब तारीफ मिल रही है.

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ईनम संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली सचिव हैं. दिल्ली की रहने वाली ईनम साल 2005 बैच की आईएफएस (भारतीय विदेश सेवा) अधिकारी हैं. हैरानी की बात यर है कि आईएफएस की हाइरार्की यानी कि पदक्रम के मुताबिक ईनम गंभीर जूनियर रैंक की अधिकारी हैं.

लेकिन इसके बावजूद उन्हें सचिव बनाया गया. ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी जूनियर रैंक के अधिकारी को सविच बनाया गया हो.उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से मैथ्स में ग्रेजुएशन किया है. यूनिवर्सिटी ऑफ जिनेवा से भी डिग्री ली है. उनकी पहली पोस्टिंग मैड्रिड में थी.

इस दौरान उन्होंने स्पैनिश भाषा में अपनी पकड़ बनाई क्योंकि वहां काम करने के लिए अंग्रेजी के अलावा स्पैनिश आना भी जरूरी था. इसके बाद ईनम ने अर्जेंटीना और ब्राजील में भारतीय दूतावास में काम किया. फिर वह भारत लौट आईं.

ईनम गंभीर दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान-अफगानिस्तन-ईरान डेस्क पर भी काम कर चुकी हैं. संयुक्त राष्ट्र में गंभीर को कई वर्टिकल देखने हैं जिनमें सुरक्षा परिषद सुधार, आतंकवाद-निरोधी और साइबर सिक्यूरिटी शामिल हैं. यही नहीं उनके जिम्मे कई स्पेशल मिशन भी हैं.

 

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