पेट्रोल की बढ़ती कीमतें, सरकार हुई लाजवाब

Spread the love

 दिल्ली .पेट्रोल और डीजल की कीमतें साल 2014 के बाद सबसे ऊंची स्तर पर पहुंच गई है. इस समय मुंबई में पेट्रोल की कीमत 80 रुपए और दिल्ली में 70.38 रुपए प्रति लीटर है. केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान ने इस मसले पर कहा कि दुनियाभर में पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर भारत में भी दिखाई दे रहा है. जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तीन साल पहले के मुकाबले आधी रह गई हैं.जुलाई के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 7.29 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ीं है. 16 जून से सरकार ने डायनमिक फ्यूल प्राइस का फॉर्मूला अपनाया था, जिसमें डेली बेसिस पर पेट्रोल और डीजल की कीमते रिव्यू हो रही हैं.

दिल्ली में 16 जून को पेट्रोल का दाम 65.48 रुपये लीटर था, जो 2 जुलाई को घटकर 63.06 रुपये लीटर पर आ गया था. इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 7.29 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ चुकी हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें बढ़कर 70.38 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं. इससे पहले अगस्त 2014 में दिल्ली में पेट्रोल महंगा होकर 70.33 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया था. उस समय क्रूड की कीमत 106.85 डॉलर प्रति बैरल था. इसी तरह से डीजल की कीमतों में 1 जुलाई के बाद से 5.36 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोत्तरी हुई है.

असल वजह यह है कि तीन सालों के दौरान सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कई गुना बढ़ा दी है. मोटे अनुमान के अनुसार पेट्रोल पर ड्यूटी 10 रुपये लीटर से बढ़कर करीब 22 रुपये हो गई है.पेट्रोल और डीजल की कीमतों की बेतहाशा बढ़ती कीमतों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साल 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय दिया गया एक भाषण याद आ रहा है. उन्होंने 1 फरवरी को एक रैली में अपने अंदाज में कहा ‘क्या डीजल पेट्रोल के दाम कम हुए हैं कि नहीं…क्या आपकी जेब में पैसा बचने लगा है की नहीं…अब विरोध कहते हैं कि मोदी नसीबवाला है…तो अगर मोदी का नसीब जनता के काम आता है तो इससे बढ़िया नसीब की क्या बात हो सकती है…आपको नसीब वाला चाहिए या बदनसीब?इससे पहले नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बड़ा मुद्दा बनाया था और यूपीए सरकार को इस पर जमकर घेरा था. इसके बाद जब पीएम मोदी ने 26 मई को पीएम पद की शपथ ली तो दिल्ली में पेट्रोल 71.41 रुपये प्रति लीटर डीजल 56.71 रुपये प्रति लीटर था. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत गिरने लगीं जिससे पेट्रोल और डीजल के दाम भी घट गए.