पेट्रोल पर पड़ोसी गरीब देशों से भी ज़्यादा टेक्स ले रही है सरकार

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दिल्ली. भारत में फिलहाल पेट्रोल अपने पड़ोसी गरीब देशों से भी ज़्यादा महंगा है. पाकिस्तान का उदाहरण लें, जिसका हमारे कई ‘अति राष्ट्रवादी’ मजाक उड़ाते हैं. पाकिस्तान, जहां प्रतिव्यक्ति आय (क्रयशक्ति के आधार पर) लगभग 5500 डॉलर (भारत से कम) है, अपने नागरिकों को 71 पाकिस्तानी रुपए में पेट्रोल बेचता है जो महज 0.67 अमेरिकी डॉलर के बराबर है. पाकिस्तान से अमीर देश होने के बावजूद हमारी सरकार अपने नागरिकों पर पाकिस्तान के मुकाबले दुगुना टैक्स लगाती है. ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान अकेला ऐसा उदाहरण है. श्रीलंका, नेपाल या बांग्लादेश के मामलों को भी लें, हमारी लुटेरी सरकार का किसी देश से मुकाबला नहीं है.

केंद्र सरकार ने एक जुलाई को देश में सभी अप्रत्यक्ष करों की जगह जीएसटी लागू किया था। मगर, पेट्रोलियम उत्पादों को अभी इससे बाहर रखा गया है। पिछले एक महीने में पेट्रोल की कीमत में सात रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। मुंबई में पेट्रोल 80 रुपए लीटर और दिल्ली में 70 रुपए लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।यदि पेट्रोल के जीएसटी के तहत लाया जाए, तो दिल्ली में 12 फीसद की दर से उसकी कीमत 38.10 रुपए, 18 प्रतिशत जीएसटी की दर से कीमत 40.05 रुपए प्रति लीटर और 28 प्रतिशत जीएसटी की दर से कीमत 43.44 रुपए प्रति लीटर होगी।

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अगस्त 2014 में पेट्रोल की कीमत 70 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा पहुंच गई थी, लेकिन तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीम 103.86 डॉलर प्रति बैरल (करीब 6300 रुपए) थी। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत 54.16 डॉलर (3470 रुपए) प्रति बैरल थी। यानी तीन साल पहले की तुलना में कच्चा तेल आधी कीमत पर पहुंच चुका है, लेकिन आम लोगों के लिए कोई राहत नहीं मिली है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रिफाइनरी से निकलने वाले पेट्रोल की कीमत केवल 26.65 रुपए है। डीलरों को एक लीटर पेट्रोल 30.70 रुपए में मिलता है। मगर, यह दिल्ली में 70.39 रुपए प्रति लीटर पर बेचा जाता है। यानी 39.41 रुपए टैक्स और डीलर कमीशन के रूप में वसूले जाते हैं।

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