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बच्चों के संरक्षण के लिए सत्यार्थी निकालेंगे ‘भारत यात्रा’

मुंबई. नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने बच्चों को यौन उत्पीड़न से संरक्षण के लिए एकजुटता से काम करने पर जोर देते हुए कहा कि यह भारत की विकास गाथा की उपलब्धि का व्यापक अर्थ प्रदान करने के लिए जरूरी है. बाल अधिकार कार्यकर्ता सत्यार्थी की ‘भारत यात्रा’ के बारे में बताया कि 22 राज्यों से होती हुई 15 अक्तूबर को नई दिल्ली में खत्म होगी.

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‘भारत यात्रा’ 35 दिन का एक अभियान है जिसमें लोगों को बाल तस्करी और बाल यौन उत्पीड़न के मुद्दे पर संवेदनशील किया जाएगा.उन्होंने कोरपोरेट्स से मांग की कि अपनी ताकत, प्रभाव और कौशल का इस्तेमाल करके न केवल कौशलपूर्ण भारत बनाएं बल्कि सुरक्षित भारत भी बनाएं. यात्रा 11 सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू होगी और 22 राज्यों से होती हुई 15 अक्तूबर को नई दिल्ली में खत्म होगी. इसमें, यौन अपराधों के पीड़ित, छात्र, राजनेता और आम लोग शिरकत करेंगे.

सत्यार्थी ने कहा कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम एक अच्छा कानून है और दोषसिद्धी दर निराशाजनक है। इस कानून के तहत दर्ज 90 फीसद से ज्यादा मामले अदालतों में लंबित हैं.लिहाजा यात्रा का मुख्य लक्ष्य सरकार को संवेदनशील करना है ताकि वह अधिक प्रभावी और सख्त कानून लेकर आए.

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