बार-बार 56 इंच का सीना दिखाने की जरुरत नहीं है,सेना सक्षम है:सीतारमण

ग्वालियर. देश की पहली महिला रक्षा मंत्री बनने के बाद अल्प प्रवास पर ग्वालियर पहुंचीं निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश को बार-बार 56 इंच का सीना दिखाने की जरुरत नहीं है. भारत युद्ध के रास्ते पर नहीं चल रहा, लेकिन अगर युद्ध जैसी स्थिति बनती है तो हर परिस्थिति से निपटने के लिए हमारी सेना तैयार है.

भले ही सीज फायर की घटनाएं हो रही हों, लेकिन ऐसा नहीं कि हम एक्शन नहीं ले रहे. हम व्यापक स्तर पर आतंकवाद से निपटने के तरीके अपना रहे हैं. इसका परिणाम दिख भी रहा है कि हमारी सेना आतंकियों को खत्म करने में सफल हो रही है।

यह बात देश की पहली महिला रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने एयरफोर्स की सेन्ट्रल एयर कमांड ग्वालियर स्थित एयरफोर्स स्टेशन का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही.

सेना में सैनिकों के भोजन,अवकाश और अन्य समस्याओं से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद इस बात को कहते हैं कि आखिरी जवान तक को सारी सुविधाएं मिलना चाहिए.

चीन, पाकिस्तान से लगातार चुनौती मिलने के बाद भी विदेशी तकनीक पर निर्भरता और फ्रांस से राफेल खरीदी में हो रही देरी पर रक्षा मंत्री ने कहा कि बुधवार शाम को ही फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस ने मुझसे फोन पर बात की. फ्रांस के साथ हमारा सेना समन्वय बेहतर है. जल्द ही राफेल भारत आएगा.

सेना में महिलाओं की भागीदारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर विचार चल रहा है. हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है. सेना में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी.

एक सवाल के जवाब में निर्मला सीतारमन ने कहा कि रक्षा मंत्री बनने के अगले दिन से ही मैं लगातार वायु सेना, नौसेना के अलग-अलग कैंप के दौरे कर रही हूं. गुस्र्वार को भी वाराणसी में एक कार्यक्रम में जाना था.

इसके साथ ही उन्होंने सेन्ट्रल विंग के महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन का दौरा करने का कार्यक्रम बनाया. मुझे कार्यालय में बैठकर कागजों में मंत्रालय नहीं चलाना.

इसलिए लगातार दौरे कर सेना अधिकारी, सैनिकों से मिल रही हूं. प्रधानमंत्री ने ही मुझे कहा है कि हर जगह जाऊं.सेना अधिकारी, सैनिकों की राय लेकर उनकी समस्याएं सुन रही हूं.रक्षा मंत्रालय निश्चित ही चैलेंजिंग है.