नई दिल्ली: लगता है भाजपा बिहार चुनाव में लगे झटके से उबर कर आने वाले चुनावों की तैयारी में जी-जान से जुट गई है. इसी कड़ी में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों में सबसे पहले आसाम के चुनाव के लिए भाजपा ने सर्बानन्द सोनोवाल को अपना मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया है . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को असम विधानसभा चुनाव के लिए अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है. भाजपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई संसदीय बोर्ड की गुरुवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक के बाद पार्टी महासचिव जगत प्रकाश नड्डा ने संवाददाताओं को बताया कि सर्बानंद सोनोवाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के मुख्य चेहरा होंगे.

Sarbananda Sonowal to be BJP's Chief Minister Candidate in Assamसर्बानंद सोनोवाल केन्द्रीय मंत्री होने के साथ साथ पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष भी हैं. नड्डा ने कहा कि सोनोवाल ने छात्र नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई और इसके बाद वह विधायक भी रहे हैं और फिर सांसद चुने गए. असम की जनता उन्हें अपने नायक के रूप में देखती है. पार्टी उनके नेतृत्व में असम में चुनाव लड़ेगी.

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित बोर्ड के सभी सदस्य मौजूद थे. इससे पहले आज दिन में शाह ने सर्बानंद सोनोवाल तथा असम में पार्टी के वरिष्ठ नेता हिमंत बिश्व सरमा के साथ बैठक की और इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों के बारे में चर्चा की.

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नड्डा ने बताया कि बैठक में उन सभी राज्यों के बारे में चर्चा हुई जिनमें आने वाले दिनों में चुनाव होने हैं. सभी सदस्यों ने यह विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा इन सभी चुनावों में पूरी ताकत के साथ उतरेगी और अच्छे नतीजे हासिल करेगी. उन्होंने कहा कि असम में भाजपा की ही सरकार बनेगी. यह पूछने पर कि क्या भाजपा किसी अन्य दल के साथ गठबंधन करेगी उन्होंने कहा कि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

भाजपा ने सर्बानंद सोनोवाल को पिछले साल नवंबर में दूसरी बार असम इकाई का अध्यक्ष बनाया था. इससे पहले उन्हें 2012 में राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाया गया था. लखीमपुर से सांसद 52 वर्षीय सोनोवाल 2011 में भाजपा में शामिल हुए थे. इससे पहले वह असम गण परिषद में थे और ऑल असम स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं और पिछले साल लोकसभा चुनावों में मिली कामयाबी के बाद भाजपा बहुत उत्साहित है. पार्टी ने लोकसभा चुनावों में असम की 14 में से सात सीटों पर कब्जा किया था. भाजपा की 126 सदस्यीय असम विधानसभा में पांच सीटें हैं. राज्य में पिछले लगातार तीन बार से कांग्रेस की सरकार है और भाजपा को लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और सत्ता विरोधी लहर के दम पर वह इस बार असम में कमल खिला सकती है. हाल ही में कांग्रेस के नौ विधायक भाजपा में शामिल हुए थे.

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