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भारतीय छात्रों को विदेशों में मिलेंगे सीखने केअवसर


नई दिल्ली. भारतीय छात्रों को कला और शिल्प का वैश्विक अनुभव प्रदान करने के लिए नेशनल कमीशन फॉर यूनेस्को तथा यूनेस्को द फ्रेंच के तत्वावधान में फाउंडेशन कल्चर एंड डायवर्सिटीज विदेश यात्रा का आयोजन कर रही है. इस यात्रा का नाम ‘ट्रैवेलिंग टू लर्न आर्ट्स एंडक्राफ्ट्स’ है और इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर है.इस यात्रा कार्यक्रम में सिर्फ छात्र ही आवेदन कर सकते हैं, वरिष्ठ कलाकार नहीं.

इस कार्यक्रम का उद्देश्य वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले कला एवं शिल्प छात्रों को कला तकनीकों को जानने के लिए विदेश की एक संपूर्ण यात्रा (स्टडी टूर) करने में सक्षम बनाना है. इसके तहत उन छात्रों को फ्रेंच स्कॉलरशिप दी जाती है, जो अपने अध्ययन के अंतिम चरण में हैं, ताकि वे कलाकारों की तकनीकी के बारे में जान सकें, उनसे रूबरू हो सकें. यह विकासशील देशों के छात्रों को फ्रांसीसी शिल्पकारों की तकनीकी को जानने का अवसर देता है. यह कार्यक्रम छात्रों को अपना प्रोफेशनल करियर शुरू करने में मदद करता है.

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इससे छात्रों को कई चीजों में मदद मिलती है, मसलन विदेशों में नए कौशल और सांस्कृतिक अनुभव हासिल करना, नए नए उत्पादों की डिजाइन और उनकी रचना के बारे में जानकारी प्राप्त करना, पेशेवर संपर्क और संबंध विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय मेलों में भाग लेने और अपने काम को वहां पेश करना.

इस यात्रा कार्यक्रम में सिर्फ छात्र ही इस कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं, वरिष्ठ कलाकार नहीं. इसके लिए आवेदकों के पास अनिवार्य रूप से आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स डिप्लोमा के समकक्ष कम से कम दो वर्ष का अध्ययन, आर्ट्स एंड क्राफ्ट (कला और शिल्प) विद्यालय या संस्थान या विश्वविद्यालय में नामांकन हो. इसके अलावा छात्रवृति और पुरस्कार विजेता हों तथा फ्रांसीसी और अंग्रेजी भाषा बोलने में सक्षम हों. आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 20 अक्तूबर 2017 है. आवेदन सिर्फ ईमेल के जरिए भेजा जा सकता है.

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