भारतीय थिएटर के ग़ालिब-मौलाना आज़ाद यानी टॉम ऑल्टर नहीं रहे

दिल्ली. टॉम ऑल्टर नहीं रहे ये दुखद खबर देश के करोड़ों संस्कृति प्रेमियों को उदास करने वाली है.टॉम अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन अपने अभिनय और अंदाज के दम पर वो हमेशा दिलों पर राज करते रहेंगे.उन्होंने मिर्ज़ा ग़ालिब और मौलाना आज़ाद का रंगमंच पर यादगार किरदार अदा किया था जिसे भुलाना मुश्किल होगा.

हिंदी फिल्मों के अभिनेता, लेखक और पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित टॉम ऑल्टर का 67 साल की उम्र में निधन हो गया है. वह लंबे समय से स्किन कैंसर से पीड़ित थे. एक्टिंग करियर की अपनी लंबी पारी में करीब 300 से ज्यादा फिल्में कर चुके टॉम ने मुंबई के अग्निपाड़ा स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली.

सिनेमा में अपने बेहतरीन योगदान के लिए जाने-जाने वाले टॉम ऑल्टर ने कई यादगार भूमिका निभाई. लेकिन टॉम के बारे में बेहद ही कम लोग जानते है कि उन्हें शायरी और चाय का बहुत ही शौक था. टॉम की पहचान आम दर्शकों के बीच एक विदेशी एक्टर के तौर पर होती थी.

लेकिन दिल से वो इंडियन ही थे. टॉम का परिवार अमेरिका से आकर इंडिया में बस गया था. मसूरी में जन्मे टॉम हिंदी और उर्दू दोनों ही जुबान पर कमाल की पकड़ रखते थे.

एक इंटरव्यू में टॉम ने बताया कि हमारा जिस खानदान से रिश्ता है, वहां जहां देखो शायर बैठे हैं. बड़े भाई साहब इंग्लिश में शायरी करते हैं. तो चचेरे भाई शायर होने के साथ मशहूर नॉवेलिस्ट. टॉम की माता जी और बहन को भी लिखने का काफी शौक है.

शायरी का शौक उन्हें बचपन से ही था. टॉम के पिता, दादा- नाना पादरी थे और इबादत उर्दू में करते थे. इसलिए टॉम की उर्दू जुबान पर अच्छी पकड़ थी. यह भी पढ़े: टॉम अॉल्टर को राजेश खन्ना की फिल्म ‘अाराधना’ से मिली थी एक्टर बनने की प्रेरणा

फिल्मों में आने से पहले टॉम स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के तौर पर काम करते थे. कहा जाता है कि टॉम ही वो स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं जिन्होंने सचिन तेंदुलकर का पहला इंटरव्यू लिया था. ऑल्टर तीन किताबें लिख चुके हैं. आर्ट और फिल्म इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए साल 2008 में  उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था.

उन्होंने साल 1974 में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यटूट ऑफ पुणे (एफटीटीआई) से ग्रेजुएशन किया था. उन्हें गोल्ड मैडल मिला था. मशहूर टीवी शो ‘जुनून’ में उनके किरदार केशव कल्सी के लिए जाना जाता है. साल 1990 के देशक में यह शो लगातार पांच साल तक चला था.

इंडियन अमेरिकन एक्टर टॉम अल्टर का जन्म मसूरी में हुआ था. साल 1976 में उन्होंने धर्मेंद्र की फिल्म ‘चरस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. साल 1977 में ऑल्टर ने नसीरुद्दीन शाह के साथ मिलकर मोल्टे प्रोडक्शन के नाम से एक थियेटर ग्रुप बनाया था.

परिंदा, शतरंज के खिलाड़ी और क्रांति जैसी फिल्में उनकी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में एक है. वह आखिरी बार सरगोशियां फिल्म में नजर आए थे.