मुंबई में एफओबी भगदड़,22 मृत और 36 घायल

मुंबई: मुंबई में परेल के एलफिंस्टन ब्रिज पर भगदड़ मचने से 22 लोगों की मौत हो गई है जबकि 36 से ज्यादा लोग घायल हैं। ब्रिज बहुत छोटा था. लोग इतने ज्यादा हो गये कि कोई अपनी जगह से हिल भी नहीं पा रहा था तभी एक अफवाह से भगदड़ मची और एक बड़ा हादसा हो गया.

मूसलाधार बारिश हो रही थी जिससे बचने के लिए लोग ब्रिज के नीचे खड़े हो गये थे लेकिन उसी समय हादसा हो गया. एक तरफ एलफिंस्टन ब्रिज में लोगो की भीड बढ़ती जा रही थी तो बाहर हो रही बारिश की वजह से लोग आगे बढ़ने को तैयार नहीं थे.नतीजा ये हुआ कि एक शख्स के फिसलते ही हादसा हो गया.

एक चश्मदीद के मुताबिक़ फूलों की टोकरी ले जा रहे एक शख्स का पांव फिसला…वो शख्स हांफ रहा था और उसे तेज़ खांसी आ रही थी. तभी अचानक अफवाह फैली की ब्रिज टूट रहा है. लोगों ने धक्का देना शुरू कर दिया। जो लोग नीचे की ओर खड़े थे उनको संभलने का मौका नहीं मिला। एक के ऊपर एक लोग गिरते चले गये.

गेट पर जब शवों का अंबार लगना शुरू हो गया तो वहां पर पुलिस की गाड़ी आई और उसमें डालकर लोगों को अस्पताल ले जाया जाने लगी. इस संकरी सी जगह पर करीब दो हज़ार लोग खड़े थे. इतनी छोटी सी जगह और इतने लोग.

जब लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला तो वो जालियां तोड़कर बाहर निकलने लगे. एक दूसरे के ऊपर लोग चढे हुए थे और अंदर दबे पड़े लोगों को बाहर निकालने की कोशिश हो रही थी लेकिन छोटी सी जगह से बाहर निकालना मुमकिन ही नहीं हो रहा था.

चश्मदीदों का कहना है कि अफवाह की वजह से भगदड़ शुरू हुई. इस ब्रिज से लोग केवल उतर ही नहीं रहे थे, बल्कि नीचे से कुछ लोग ऊपर चढ़ने की कोशिश में भी लगे थे. ऊपर से आफत की बारिश हो रही थी। दस सेकंड भी नहीं लगे और लोग मौत की आगोश में सो गए.

शिवसेना को प्रभु ने जवाब दिया था फंड नहीं है

शिवसेना ने एलिफिस्टन ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने के लिए पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु को चिट्ठी भी लिखी थी. शिवसेना  के मुताबिक उनके दो सांसदों ने 2015  ब्रिज को चौड़ा करने के लिए तत्कालीम रेल मंत्री सुरेश प्रभु को चिट्ठी लिखी थी जिसमें साफ-साफ लिखा गया था कि एलिफिस्टन ब्रिज को जल्द से जल्द चौड़ा किया जाए।

शिवसेना सासंदों की इस चिट्ठी का तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने जवाब दिया था जिसमें उन्होंने लिखा था आपकी मांग जायज है लेकिन अभी फंड नहीं है लिहाज़ा ये अभी मुमकिन नहीं है।