मोदी कैबिनेट फेरबदल: चार मंत्रियों को प्रमोशन, 9 ने ली राज्यमंत्री की शपथ

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दिल्ली.पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी नई कैबिनेट का विस्तार करते हुए 9 नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया.केंद्र की मोदी सरकार का यह कैबिनेट का तीसरा और संभवत: आखिरी विस्तार है.राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में हुए समारोह में चार कैबिनेट मंत्री और नौ राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाया गया. धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमन और मुख्तार अब्बास नकवी को कैबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई गई जबकि शिव प्रताप शुक्ला, अश्विनी कुमार चौबे, डॉ. वीरेंद्र कुमार, अनंत कुमार हेगड़े, आरके सिंह, हरदीप सिंह पुरी, गजेंद्र सिंग शेखावत, सत्यपाल सिंह और अल्फोंस कन्ननथनम को राज्य मंत्री पद की शपथ दिलाई गई. उल्लेखनीय है कि छह मंत्रियों ने खुद से इस्तीफा देकर इन लोगों के लिए जगह खाली की थी. वहीं मनोहर पर्रिकर और वेंकैया नायडु के इस्तीफे और अनिल दवे के निधन के बाद उनके पद भी खाली हैं. अनिक दवे पर पर्यावरण मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार था.

आरके सिंह: पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह मनमोहन सरकार में गृह सचिव रहे हैं और बिहार के आरा से हैं सांसद.
अल्फोंस कन्नथनम:अल्फोंस कन्नथनम किसी भी सदन के सदस्य नहीं है. 1994 में टाइम्स पत्रिका की 100 यंग ग्लोबल लीडर में शामिल हुए थे.
सत्यपाल सिंह:यूपी के बागपत से सांसद सत्यपाल सिंह पुणे और नागपुर में पुलिस कमिश्नर रहे हैं. वे मुंबई पुलिस कमिश्नर भी रहे हैं.
गजेंद्र सिंह शेखावत:गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर से सांसद हैं. शेखावत तकनीक समझने वाले प्रगतिशील किसान हैं और संसद की स्थाई समिति के सदस्य (वित्त).
हरदीप सिंह पुरी:हरदीप सिंह पुरी किसी सदन से नहीं हैं। विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा में दक्ष हैं. संयुक्त राष्ट्र में राजदूत रहे व ब्राजील और ब्रिटेन में राजदूत का पद संभाला.
अनंतकुमार हेगड़े: अनंतकुमार हेगड़े कनार्टक से लोकसभा सांसद हैं. विदेश और मानव संसाधन मामलों पर बनी संसदीय समिति के भी सदस्य. हेगड़े कोरियन मार्शियल ताइक्वांडो भी जानते हैं. हेगड़े कदंबा के फाउंडर अध्यक्ष हैं जो एक एनजीओ है और ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य जैसे कई क्षेत्रों में काम करती है.
शिव प्रताप शुक्ल: शिव प्रताप शुक्ल उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं साथ ही वो संसदीय समिति (ग्रामीण विकास) के सदस्य भी हैं. शिव प्रताप ग्रामीण विकास, एजुकेशन और जेल सुधार के लिए किए गए अपने काम के लिए जाने जाते हैं. इमरजेंसी के दौरान वो मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (मीसा) के तहत 19 महीने जेल में रहे थे.
वीरेंद्र कुमार:वीरेंद्र कुमार मध्य प्रदेश के टिकमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं. वीरेंद्र कुमार दलित समुदाय से आते हैं। वे जाति से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए युवाओं को अपने साथ जोड़ने का काम भी कर रहे हैं. अनाथालय, स्कूल और ओल्ड एज होम (बुजुर्गों के लिए घरों) के लिए भी काम करते हैं. उन्होंने इकनॉमिक्स से एमए और चाइल्ड लेबर में पीएचडी की है.
अश्विनी कुमार चौबे: अश्विनी कुमार चौबे बिहार के बक्सर से लोकसभा सांसद हैं. उन्होंने 8 साल तक स्वास्थ्य, शहरी विकास और जनस्वास्थ्य, इंजिनियरिंग जैसे कई अहम विभागों को संभाला है. उन्हें ‘घर-घर में हो शौचालय, तभी होगा लाडली बिटिया का कन्यादान’ जैसे नारों का क्रेडिट भी दिया जाता है, साथ ही उन्होंने महादलित परिवारों के 11 हजार शौचालय बनवाने में भी सहायता की.

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