योगी ने कहा किसी भी दोषी को बख़्शा नहीं जाएगा

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मासूमों की मौत पर 28 घंटे बाद योगी ने तोड़ी चुप्पी

लखनऊ. गोरखपुर में बाबा राघोदास मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 33 मासूमों की मौत से परेशान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम अपनी चुप्पी तोड़ी तो उसमें अपनी गलती मानने के बजाए आंकड़ों की बाज़ीगरी दिखाई.योगी ने बताया कि – 7 अगस्त को कुल 9 मौतें,- 8 अगस्त को कुल 12 मौतें,- 9 अगस्त को कुल 9 मौतें,- 10 अगस्त को 23 मौतें,- 11 अगस्त को कुल 11 मौतें हुईं. योगी ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।घटना के बाद विपक्षी दलों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए इसके लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने घटना की समीक्षा के लिए अपने नेताओं को गोरखपुर भेजा है.
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल निलंबित
गोरखपुर के बाबा राघोदास मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन का ऐलान किया है। डीलर के मुताबिक उसने एक अगस्त को प्रिंसिपल भुगतान के लिए पत्र लिखा था। उसकी नकल चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक को लखनउ भी भेजी गई थी।

फरिश्ता,मसीहा बन की डॉ.कफील अहमद ने मदद
इंसेफ्लाइटिस वार्ड प्रभारी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कफील की सोशल मीडिया पर खूब प्रशंसा हो रही है। दरअसल गुरुवार रात करीब दो बजे उन्हें सूचना मिली कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। आनन-फानन में वह अपने दोस्त डॉक्टर के पास पहुंचे और ऑक्सीजन तीन सिलेंडर अपनी कार में लेकर शुक्रवार की रात तीन बजे सीधे बीआरडी अस्पताल पहुंचे। तीन सिलेंडर बाल रोग विभाग में लगभग 15 मिनट ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकी। रात भर काम चल पाया है, लेकिन सुबह सात बजे ऑक्सीजन खत्म होते ही एक बार फिर स्थिति अधिक खराब हो गई।

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