रूडी, उमा भारती और कुलस्ते का इस्तीफा,2 सितंबर को फेरबदल होने के आसार

नई दिल्ली: मोदी कैबिनेट का विस्तार जल्द होने की संभावना है. सूत्रों ने मुताबिक 2 सितंबर को फेरबदल होने के आसार है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पीएम मोदी से मुलाकात की. इसी बीच केंद्रीय मंत्री उमा भारती, राजीव प्रताप रूडी और फग्गन सिंह कुलस्ते ने इस्तीफा दे दिया है. कलराज मिश्र, गिरिराज सिंह, निर्मला सीतारमन, संजीव बालियान से भी इस्तीफा लिया जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि बीजेपी के कुछ 6-7 मंत्रियों को अपने पद से हाथ धोना पड़ सकता है.

सूत्रों के मुताबिक, रेल मंत्री सुरेश प्रभु की विदाई भी तय मानी जा रही है. पिछले दिनों लगातार हो रहे रेल हादसों के बाद सुरेश प्रभु ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की थी.हालांकि उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरेश प्रभु का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था. प्रभु ने ट्वीट करके बताया था कि पीएम ने उन्हें इंतजार करने को कहा है.कैबिनेट विस्तार में जेडीयू कोटे से मंत्री बनाए जाएंगे, नए रक्षामंत्री पर भी फैसला होगा. केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी की छुट्टी हो सकती है. रूडी को संगठन में कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है. इसके अलावा अन्य मंत्रियों को भी संगठन में काम दिया जाएगा.

कैबिनेट विस्तार में देश को नया रक्षा मंत्री भी मिल सकता है. मनोहर पर्रिकर के गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से वित्त मंत्री अरुण जेटली के पास ही रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार है. गौरतलब है कि चीन सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच यह मांग भी उठी है कि देश में एक फुल टाइम डिफेंस मिनिस्टर होना जरूरी है. इसके साथ ही बैठक में जो मंत्रालय के पद खाली हैं या उस पर भी नियुक्तियां संभव है.

हाल ही में नीतीश कुमार की जेडीयू से बीजेपी के साथ नाता जोड़ते हुए बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने की घोषणा की थी. सूत्रों का कहना है कि विस्तार में जेडीयू के दो मंत्रियों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है.बिहार भाजपा से मोदी टीम में पांच मंत्री थे. इनमें राधामोहन सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, रविशंकर प्रसाद और गिरिराज सिंह शामिल हैं. ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि इन मंत्रियों में से कुछ के विभाग बदले जा सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को राज्यपाल भी बनाया जा सकता है. अभी राज्यपाल के करीब छह पद खाली हैं.