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रूस में भारत-रूस का दस दिवसीय संयुक्‍त युद्धाभ्‍यास शुरू

दिल्ली.भारत-रूस का दस दिवसीय संयुक्त युद्धाभ्‍यास रूस में शुक्रवार को शुरू हो गया.इस बेहद खास युद्धाभ्‍यास को ‘इंद्रा’ नाम दिया गया है.भारत के करीब 400 सैनिक इसमें में हिस्‍सा ले रहे हैं.जिसमें पहली बार दोनों देशों की सेनाएं, नौसेनाएं और वायुसेनाएं साथ में शिरकत करेंगी.

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रूस के व्लादिवोस्तोक से प्राप्त समाचार के अनुसार यह अभ्यास इसलिए सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि पहली बार इस साझा युद्धाभ्‍यास में भारत की तीनों सेनाएं (थल, वायु एवं नौसेना) हिस्‍सा लेने जा रही हैं. सामरिक दृष्टि से भी इसे अहम माना जा रहा है.इसका बुनियादी मकसद दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय स्थापित करना है.

10 दिन तक चलने वाला यह युद्धाभ्‍यास व्लादिवोस्तोक के पास जापान के सागर में आयोजित किया जा रहा है. व्लादिवोस्तोक शहर में रूस की पैसेफिक कमान का मुख्यालय है. यह एक तटीय शहर है, जो चीन और उत्तरी कोरिया के ट्राइ-जंक्शन पर है. इसलिए इस युद्धाभ्यास का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. चीन पहले ही तनाव में आ चुका है.

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थलसेना, वायुसेना और नौसेना के 880 सैनिकों को इस युद्धाभ्यास के लिए रवाना किया गया है. अकेले थलसेना के ही 450 सैनिक इस युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं.

नौसेना के दो युद्धपोत, सतपुड़ा और कदमत भी इस युद्धाभ्यास के हिस्सा हैं. वायुसेना के करीब 80 जवान हिस्सा ले रहे हैं.यह अभ्यास परस्पर विश्वास और पारस्परिकता को मजबूत करने और अनुभवों को साझा करने की दिशा में कारगर साबित होगी.

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रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा,यह साझा सैन्य अभ्यास अभियानों के संपूर्ण पटल पर पेश आने वाली चुनौतियों का निदान करने के लिए दोनों देशों की बढ़ती हुई प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगा. उसने कहा कि यह अभ्यास परस्पर विश्वास और पारस्परिकता को मजबूत करने और अनुभवों को साझा करने की दिशा में कारगर साबित होगी.

 

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