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नई दिल्ली: असम की बीजेपी महिला नेता बेनज़ीर अरफान को रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों को खुलेआम समर्थन करना महंगा पड़ा. भाजपा ने रोहिंग्या मुसलमानों के बारे में निलंबित कर दिया गया है. एक अंग्रेजी अख़बार की खबर के मुताबिक, पेशे से सिविल इंजीनियर और भाजपा मजदूर मोर्चा की कार्यकारी सदस्य अरफान ने गुवाहाटी स्थित एक गैर सरकारी संगठन द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों के लिए आयोजित प्रार्थना सभा के बारे में फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड किया था.

जिसके बाद अरफान को पार्टी से इजाज़त लिए बिना रोहिंग्या के मुद्दे को उठाने की वजह से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. बीजेपी के महासचिव दिलीप सैकिया ने उनके निलंबन आदेश पर हस्ताक्षर किए. आदेश में कहा गया, एक सक्रिय भाजपा सदस्य होने के बावजूद, आपने सोशल मीडिया पर एक अन्य संगठन द्वारा आयोजित म्यांमार संकट से जुड़े कार्यक्रम का पोस्ट डाला और पार्टी प्लेटफ़र्म पर इस मुद्दे पर कोई चर्चा किए बग़ैर ही इसके समर्थन की मांग की.

ट्रिपल तलाक के ख़िलाफ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाली अरफान ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर सफाई देने का मौका ही नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्रिपल तलाक के खिलाफ अभियान में उनके साथ खड़ी थीं. लेकिन अब मेरी पार्टी ने मुझे सफाई का मौका दिए बग़ैर ही तलाक़ दे दिया.

मीडिया से बात करते हुए बेनजीर ने कहा कि जो सस्पेंसन लेटर उन्हें मिला है उसमें लिखा गया है- किसी दूसरी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम जो कि रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन के लिए था, उसमें आपने बिना पार्टी की मर्जी से हिस्सा लेकर पार्टी के नियमों को तोड़ा है जिस कारण आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से बर्खास्त किया जाता है. आदेश में कहा गया. चूंकि यह पार्टी के सिद्धांत और आदर्श के खिलाफ है, इसलिए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने निलंबन और पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का निर्देश दिया है.

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