शिवराज सरकार भी शंका के घेरे में,एमपीपीएससी में एक साथ ’17 जैन’ पास,सिंधिया ने किया ट्वीट

 

भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अभी तक व्यापम के लिए मशहूर रहे है और इसी से मिलता जुलता एक और काण्ड हो गया है.मध्य प्रदेश पीएसी द्वारा घोषित मुख्य परीक्षा परिणाम पर उठ रहे सवालों को आधार बनाते हुए रविवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लगातार तीन ट्वीट किए.

मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमान संभालते ही राहुल गाँधी के सबसे नज़दीकी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवराज सरकार पर एक बड़ा हमला बोला है. अपने पहले ट्वीट में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिखा है कि, व्यापम के बाद अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी संदेह के घेरे में आ गयी है.

अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा,एक समाज विशेष के परीक्षार्थियों को लाभ पहुंचने की शिकायत सामने आई है. इस सरकार के नुमाइंदों ने मिलकर फिर एक भ्रष्ट खेल को अंजाम दिया.यहां यह भी बता दें कि पीएससी के परीक्षा नियंत्रक दिनेश जैन और प्रभारी परीक्षा नियंत्रक मदनलाल गोखरू जैन हैं.

अपने अगले ट्वीट में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए लिखा,मेरी मांग है कि इस शिकायत की गंभीरतापूर्वक ईमानदारी से जांच की जाए जिससे सत्य सामने आ सके.

एक समाज विशेष के परीक्षार्थियों को लाभ पहुचने की शिकायत सामने आई है। इस सरकार के नुमाइंदों ने मिलकर फिर एक भ्रष्ट खेल को अंजाम दिया.मेरी मांग है कि इस शिकायत की गंभीरतापूर्वक ईमानदारी से जांच की जाए जिससे सत्य सामने आ सके।

सिंधिया द्वारा ट्वीट की गई खबर के मुताबिक मप्र पीएससी द्वारा गुरुवार को घोषित मुख्य परीक्षा के परिणाम में विशेष समुदाय के लोगों के चयन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की जा रही है, क्योंकि इस सेंटर पर रोल नंबर की एक सीरीज के 17 लोगों का मुख्य परीक्षा में चयन हुआ है.

आरोप है कि मध्यप्रदेश के कई दूसरे जिलों के निवासी जैन छात्रों ने आगर मालवा स्थित एक परीक्षा केंद्र की मांग की और उन्हें वही केंद्र आवंटित किया गया. चौंकने वाली बात यह है कि इस केंद्र के सर्वेसर्वा भी जैन हैं.

सबसे बड़ी बात यह है कि इस केंद्र से परीक्षा देने वाले 80 प्रतिशत से ज्यादा जैन पास हो गए. रिजल्ट से सामने आया कि 330 सीरीज के चयनित परीक्षार्थियों में 17 एक ही समुदाय से हैं और कुल 1528 सफल विद्यार्थियों में से 63 इसी समुदाय से हैं

.पीएससी अफसरों का कहना है कि इसमें किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना नहीं है क्योंकि सारी प्रक्रिया कम्प्यूटराइज्ड होती है.