Hindi Essay – श्रीमती सोनिया गाँधी Shrimati Sonia Gandhi

Hindi Essay On Shrimati Sonia Gandhi

कंग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी के नाम से सभी परिचित हैं। पहले सोनिया केवल गाँधी परिवार की बहू एवं राजीव गाँधी की पत्नी के रूप में जानी जाती थीं। मगर आज वह ऊँचाई के शिखर पर हैं और उनका व्यक्तित्व किसी परिचय का मोहताज नहीं है।

सोनिया गाँधी का जन्म 9 दिसम्बर, 1946 को ओरबेसानो, इटली में हुआ। सोनिया के पिता एक भवन निर्माता ठेकेदार थे। इटली में प्रारम्भिक शिक्षा पूरी करने के बाद सोनिया आगे की पढ़ाई के लिये कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में आयीं। यहीं राजीव गाँधी से उनकी भेंट एक रेस्तरां में हुई। यह स्नेह बंधन विवाह में बदल गया। 1968 में हिन्दू रीति रिवाज से उनका विवा हुआ। 1970 में वह राहुल की और दो वर्ष बाद प्रियंका की माँ बनीं। राजीव इस समय एक पायलट के रूप में कार्यरत थे।

Hindi Essay On Shrimati Sonia Gandhi1980 में सोनिया जी ने विधिवत् भारतीय नागरिकता ग्रहण की। संजय गाँधी की एक वायुयान दुर्घटना में मृत्यु के बाद अपनी माँ की इच्छा पूरी करने के लिये राजीव ने राजनीति में कदम रखा। सोनिया इससे खुश नहीं थीं। परंतु अमेठी से लोकसभा चुनाव के लिये खड़े होने पर सोनिया ने राजीव गाँधी का पूरा साथ दिया। 1984 में इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद राजीव गाँधी प्रधानमंत्री बने। सोनिया जी की परीक्षा की घड़ी अभी आनी थी। मई 1991 में राजीव गाँधी की निर्मम हत्या कर दी गयी। इससे सोनिय एकदम हताश हो गयीं। उन्हें राजनीति में लाने के भरसक प्रयत्न किये गये मगर उन्होंने अपने को परिवार और बच्चों तक ही सीमित रखा।

पुनः सोनिया राजीव गाँधी फांउडेशन के माध्यम से देशहित के कार्य में सक्रिय हो गयीं। 1997 ई. में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। 1998 में उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष चुना गया। 1999 के लोकसभा चुनावों में वह अमेठी और बरेली दोनों से विजयी रहीं।

मई 2004 में एन. डी. ए. सरकार का पतन हो गया और कांग्रेस 145 सीटों के साथ विजयी हुयी। सोनिया जी का प्रधानमंत्री बनना तय था। भारतीय जनता सोनिया के विदेशी मूल के मूद्दे को अस्वीकार कर उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखने को बेताब हो गयी। पर त्याग की पराकाष्ठा ही थी कि सोनिया जी ने सभी कांग्रेसी जनों के अनुनय विनय के बाद भी यह पद स्वीकार नहीं किया।

आज भी वह कांग्रेस के अध्यक्ष रूप में भारत का मार्गदर्शन कर रही हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि वह राजनीति के क्षेत्र में परिपक्व हो गयी हैं। वह सदैव मुस्कुराती आत्मविश्वास से पूर्ण नजर आती हैं।