सर्वे : डिजिटल निरक्षरता के कारण बुजुर्ग लोग हाशिए पर

नई दिल्ली.एक नए सर्वे से पता चला है कि डिजिटल निरक्षरता के कारण बुजुर्ग लोग तेजी से हाशिए पर पड़ते जा रहे है. ऐजवेल फाउंडेशन के एक सर्वे के अनुसार लगभग 85.8 प्रतिशत लोगों को डिजिटल और कम्प्यूटर की कोई जानकारी नहीं थी.

इनमे से 76.5 प्रतिशत बुजुर्ग पुरुष और 95 प्रतिशत बुजुर्ग महिलाएं शामिल थी. सर्वे के अनुसार , 74.9 प्रतिशत डिजिटली निरक्षर बुजुर्ग लोगों ने कहा कि कम्प्यूटर दक्षता के अभाव और डिजिटल निरक्षरता के कारण वृद्ध अवस्था में उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

फाउंडेशन ने कहा कि वहीं इसके विपरीत युवा पीढ़ी आधुनिक आईटी और संचार यंत्रों से अच्छी तरह से वाकिफ है. बुजुर्ग लोग कम्प्यूटरों, लैपटॉप, टैबलेट और स्मार्ट फोन के इस्तेमाल के दौरान खुद को असहज पाते हैं.

बुजुर्ग लोगों के जीवन पर पीढ़ियों के बीच बढ़ता अन्तर के प्रभाव का आकलन करते हुए फाउंडेशन ने अगस्त-सितम्बर 2017 के दौरान दिल्ली-एनसीआर में 5000 से अधिक लोगों का साक्षात्कार लिया. लगभग 51 प्रतिशत बुजुर्ग लोगों ने दावा किया कि उनके पास कम्प्यूटर की जानकारी तथा डिजिटल प्रशिक्षण हासिल करने का कोई साधन नहीं है.

अन्य 44.6 प्रतिशत लोगों ने दावा किया कि उनके पास डिजिटल साक्षरता के बारे में कोई जानकारी नहीं है. सर्वे में कहा गया है, केवल 4.5 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया कि वे कुछ संस्थानों को जानते है जहां वे डिजिटल प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं.

सर्वे के अनुसार, 82.4 प्रतिशत डिजिटली निरक्षर बुजुर्ग लोगों ने दावा किया कि वे आधुनिक आईटी और इंटरनेट से लैस इस समाज में खुद को हाशिए पर समझते है.सर्वे के मुताबिक, 69.8 प्रतिशत बुजुर्गों ने डिजिटल वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम में अपनी रूचि दिखाई.