स्विट्जरलैंड तैयार, भारत आएगा कालाधन?

दिल्ली.स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड का गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया. वह चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं. इस राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिउथर्ड का स्वागत किया. लिउथर्ड ने स्वागत समारोह के बाद कहा, मुझे उम्मीद है कि इस यात्रा से भारत-स्विट्जरलैंड के संबंध मजबूत होंगे. व्यापार को लेकर लंबित पड़ी परियोजनाएं पूरी होंगी. हम नया निवेश सुरक्षा समझौता करने की कोशिश करेंगे.

देश वासियों के लिए ये खुश खबरी है कि कालेधन पर स्विट्जरलैंड भारत की हर तरह से मदद करने के लिए तैयार हो गया है. ये बात गुरुवार को स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद कही गई. बताया जाता है कि कई समझौतों पर दोनों देशो के राष्ट्र प्रमुखों ने हस्ताक्षर भी किये हैं.राष्ट्रपति डोरिस का दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी से मुलाकात का कार्यक्रम है। वहीं होटल ताज में स्विस राष्ट्रपति डोरिस की भारतीय उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू से भी मुलाकात तय है। और रात में राष्ट्रपति भवन में रात्रिभोज का कार्यक्रम रखा गया है।इसके अलगे दिन राष्ट्रपति डोरिस ताज होटल में अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल से मिलेंगी।

स्विट्जरलैंड और भारत के बीच सूचनाओं के ऑटोमेटिक एक्सचेंज पर समझौता हुआ है. जिसके तहत 2019 से पहले कालेधन, विदेश में जमा पैसा और स्विट्जरलैंड में प्रॉपर्टी की खरीददारी से जुड़ी सूचनाओें की अदला बदली हो सकती है.डोरिस की इस यात्रा के दौरान भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में मजबूती लाने सहित द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा हो रही है.

स्विट्जरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सूचनाओं के ऑटोमेटिक एक्सचेंज से जुड़ा बिल उनके संसद में इस साल के अंत तक पास हो जाएगा. ऐसे में 2019 से सूचनाओं का आदान प्रदान हो सकेगा.वहीं भारत और स्विट्जरलैंड के बीच दो समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, इनमें से एक रेलवे में तकनीकी सहयोग से भी जुड़ा है. वर्तमान में हुए रेल हादसों की वजह से यह समझौता काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.