हाफिज सईद ने खुले-आम मनाया कश्मीर दिवस, खुली पाकिस्तान के दावों की पोल

इस्लामाबाद: (पाकिस्तान): भारत में होने वाले आतंकवादी हमलों के पीछे पाकिस्तान से आ रहे आतंकवादियों का हाथ है जिंनकी ट्रेनिंग भी पाकिस्तान की जमीन पर होती आई है, यह बात किसी से छुपी नहीं है। फिर भी जब भी कभी भारत-पाकिस्तान के नेता आपस में मिलते हैं तो पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की हर-संभव मदद का भरोसा दिलाता आया है। लेकिन हमेशा ही पाकिस्तान के ये वादे झूठे साबित होते आये हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर से पाकिस्तान के आतंकवाद पर शिकंजा कसने में भारत को सहयोग देने के दावों की कलाई खुल गई है क्यूंकि हाफिज सईद, जो कि मुंबई में हमले का मास्टर माइंड है, ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में खुले-आम भारत विरोधी रैली का नेतृत्व किया और कश्मीर दिवस मनाया।

hafiz saeed kahmir day anti india rally in islamabad pakistanसिर्फ हाफ़िज़ सईद ही नहीं, कश्मीर मुद्दे को भुनाने में पाकिस्तान की अन्य राजनीतिक पार्टियां भी पीछे नहीं रही और पाकिस्तानी प्रधान मंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन, जमात-ए-इस्लामी सहित कई पार्टियों ने भी पाकिस्तान में अनेक जगहों पर कश्मीर दिवस मनाया और रैलियां निकाली ।

हाफिज सईद ने इस्लामाबाद और उसके रिश्तेदार हाफिज अब्दुर रहमान ने लाहौर में रैली की। एक और आतंकवाद समर्थक संगठन जमात-उद-दावा ने इस मौके पर लाहौर में कई कैम्प भी लगाए जिनमें बड़ी स्क्रीन पर कश्मीरियों पर भारत द्वारा धाए जा रहे कथित जुल्म के वीडियो दिखाए गए और भड़काऊ भाषण दिए गए।

आप को बता दें कि पाकिस्तान में हर साल 5 फरवरी को कश्मीर-दिवस (Kashmir Day ) मनाया जाता है जिसे मानाने का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान में भारत के कश्मीर पर अधिकार को लेकर प्रोपेगंडा करना है।

हाफ़िज़ सईद को सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका भी आतंकवादी घोषित कर चूका है और अमेरिका ने हाफ़िज़ सईद के पीछे एक करोड़ डॉलर का इनाम भी घोषित किया हुआ है । किन्तु पाकिस्तान सरकार द्वारा खुले-आम संरक्षण दिए जाने का ही नतीजा है कि हाफिज सईद खुले-आम भारत के खिलाफ इस तरह की गतिविधियाँ आयोजित करता आज़ाद घूम रहा है ।

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भारत ने मुंबई हमले के सबूत देकर आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई की पाकिस्तान से कई बार मांग की है लेकिन पाकिस्तान सरकार उसके खिलाफ कोई कार्रवाई करना तो दूर, उसे इस तरह राजधानी इस्लामाबाद में खुले-आम रैली की इजाजत देकर यह दिखाना चाहता है कि उसका आतंकवादी संगठनों को समर्थन जारी रहेगा।