10 बातें जो नरेंद्र मोदी को महान नेता बनाती हैं. kya Narendra Modi mahan neta hain?

10 bate jo Narendra Modi ko mahan neta saabit kartee hain

नरेंद्र दामोदरदास मोदी अब एक ऐसा नाम बन चुके हैं जो सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि सारे संसार में एक चमत्कारिक व्यक्तित्व के रूप में मशहूर हो चुके हैं. उनके नेतृत्व में भारत दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है. क्या आर्थिक, क्या राजनीतिक, क्या सामाजिक, सभी मोर्चों पर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत नए कीर्तिमान स्थापित करता  जा रहा है. नरेंद्र मोदी के इस प्रभावशाली व्यक्तित्व से हम भी अपने जीवन में कुछ सीख सकते हैं. आइये जानते हैं कौन सी  हैं वो 10 बातें जिन्हें नरेंद्र मोदी के जीवन से अपना कर हम भी अपना जीवन सफलता के पथ पर अग्रसित हो सकते हैं:

10 bate jo Narendra Modi ko mahan neta saabit kartee hain1. बोलने की कला: नरेंद्र मोदी जी की भाषण कला अभूतपूर्व है. जब नरेंद्र मोदी बोलते हैं तो उनके धुर विरोधी भी ध्यान देकर सुनने को मजबूर हो जाते हैं. अटल बिहारी बाजपेयी के बाद भारत में कोई भी राजनेता जनता को इतनी खूबसूरती और आत्मीयता के साथ सम्बोधित करने में सफल नहीं हुआ. मन की बात आदि कार्यक्रमों से नरेंद्र मोदी ने सिद्ध कर दिया है कि जनता के साथ संवाद करने में उनका कोई सानी नहीं है. क्या, बच्चे, क्या युवा और क्या बूढ़े, सभी नरेंद्र मोदी की बोलने की कला से अतयधिक प्रभावित हैं.

2. अनुशासन ; भारत के 15वें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी की जीवन शैली अनुशासन की एक जीती-जगती मिसाल है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कार्यकर्ता बनने के बाद से ही मोदी ने सारा जीवन कठोर अनुशासन में जिया है और यही अनुशासन उन्हें दिन में 18 घंटे काम करने की क्षमता दे सकने में सक्षम हो पा रहा है.

3. मानसिक दृढ़ता: बाल्यकाल से ही नरेंद्र मोदी आत्मविश्वास से भरपूर और दृढ़ निश्चयी थे. उनके राजनीतिक जीवन में अनेकों कठिनाइयां आयी लेकिन नरेंद्र मोदी ने इन सभी का दृढ़ विश्वास से सामना किया और आखिर में देश के प्रधान मंत्री पद तक पहुँचने में सफलता हासिल की. प्रधान मंत्री बनने के बाद भी जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने कई ऐसी योजनाएं लागू की हैं जिनसे संसार में भयानक मंदी के दौर के बाद भी देश की आर्थिक और राजनीतिक प्रगति सुनिश्चित हो पाई है, वह उनके दृढ़ प्रतिज्ञा मनुष्य होने को ही दर्शाता है.

4. विस्तारपूर्वक प्लानिंग: जो लोग नरेंद्र मोदी के साथ काम कर चुके हैं या कर रहे हैं वे जानते हैं कि नरेंद्र मोदी अपनी योजना में बहुत विस्तार से प्लानिंग करते हैं और छोटी से छोटी बात की भी अनदेखी नहीं करते. अपनी योजनाओं के प्लानिंग के समय इतनी विस्तार पूर्वक तैयारी करने के कारण ही वो अपनी योजनाओं को सफलता पूर्वक अमली जामा पहनने में कामयाब हो पाते हैं. यहाँ तक कि 2014 के आम चुनावों में मोदी ने 3.5 लाख किलोमीटर की यात्रा की और 400 चुनाव सभाओं को सम्बोधित किया. यह उनकी डिटेल में जा कर प्रिपरेशन को दर्शाता है.

5. तकनीक से लगाव : नरेंद्र मोदी को आधुनिक तकनीव से बेहद लगाव है और वे जानते हैं कि किस प्रकार तकनीक का इस्तेमाल बेहतर प्रशासन, बेहतर शिक्षा और बेहतर रोजगार में किया जा सकता है. उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद से विज्ञानं के क्षेत्र में भारत ने एक के बाद एक तेजी से सफलता  के स्वर्णिम शिखरों को छुआ है वो उनके तकनीक के प्रति रुझान के कारण ही हो पाया है.

6. फिटनेस के प्रति जागरूक होना: इस 66 साल की उम्र में भी 18 घंटे तक काम करने की क्षमता के पीछे नरेंद्र मोदी का स्वास्थ्य को लेकर जागरूक होना ही कारण है. नरेंद्र मोदी नियमित रूप से योग करते हैं चाहे वह कितने भी बिजी हों या किसी विदेशी दौरे पर ही क्यों न हों. स्वास्थ्य के प्रति उनकी ये लगन हमारे लिए प्रेरणादायक है.

7. उत्साह: 66 वर्ष की आयु में भी नरेंद्र मोदी बिना थके लगातार काम करते हैं सदा उत्साहित नजर आते हैं. वह न केवल दैनिक कार्यकलाप बल्कि भविष्य के भारत को लेकर भी बेहद उत्साह से भरे हुए हैं. यही उत्साह उन्हें आज की युवा पीढ़ी में बेहद लोकप्रिय होने का बड़ा कारण है.

8. धैर्य : नरेंद्र मोदी कठोर अनुशासन में जीने वाले व्यक्ति रहे हैं और इस अनुशासन की वजह से उनमें योजनाओं को सफलता के अंतिम चरण तक ले जाने का अपार धैर्य भी आया है. मार्ग में कितनी भी बाधाएं आएं, आलोचक चाहे उनकी कितनी भी व्यकतिगत आलोचना करें या राजनीतिक विरोधी कितनी भी अड़चनें खड़ी करें, वे धैर्यपूर्वक बिना विचलित हुए अपनी योजनाओं को अंजाम देते चलते रहते हैं.

9. नेतृत्व क्षमता: नरेंद्र मोदी गणतंत्र दिवस पर घोषणा कर चुके है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारीयों से 1 घंटा ज्यादा काम करेंगे और उनकी यह निष्ठा अविरत जारी है. आज भी कई बार ऐसा हुआ है कि नरेंद्र मोदी विदेश दौरों से लौट कर बिना विश्राम किये अपने दफ्तर आकर काम में जुट जाते हैं. उनकी इस लगन को देखकर ही देश की अफसरशाही में काम करने की अनोखी लगन जाग उठी है जिसका नतीजा बेहतर योजनाओं, तेजी से उनके क्रियान्वयन और मंत्रालयों में तेजी से लिए जा रहे फैसलों के रूप में सामने आया है.

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10.  विनम्रता : भारत जैसे संसार के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश का प्रधान मंत्री होने के बाद भी उनमें लेशमात्र भी अभिमान नहीं आया है. उनसे मिलने वाले लोग बताते हैं कि वे अपने से छोटे या बड़े, सभी लोगों से बेहद विनम्रता पूर्वक पेश आते हैं. देश के नाम अपने सदेश में भी वे बेहद सौम्य शैली में अपनी बात रखते हैं. उनकी यही विनम्रता उन्हें एक महान नेता बनाती है.