Hindi Essay – Aankhon Dekhe Kisi Match ka Varnan – Cricket Match par Nibandh

आँखों देखा किसी मैच का वर्णन – क्रिकेट मैच पर लघु निबंध (Hindi essay on Cricket Match)

किसी न किसी मैच को हम अपनी आँखों से देखते हैं और विशेष आनन्द का अनुभव करते हैं। दिल्ली राजधानी में कोई न कोई मैच होता ही रहता है। पिछले वर्ष इन्दिरा गाँधी स्टेडियम में इंग्लैंड और भारत के बीच क्रिकेट मैच हुआ था। इस मैच को मैं भी देख रहा था।

मैच आरम्भ हुआ। मैंने देखा कि भारत की टीम के कप्तान MAHENDRA SINGH DHONI थे। अब मैच को आरम्भ करने के लिए AUSTRALIA KI TEAM ने टास जीता। टास जीतने के बाद मैच शुरू हो गया। मैच के पहले दिन AUSTRALIA KI TEAM के मुख्य छः बल्लेबाज आउट हुए थे। रेण्डवल और बाथम क्रीज पर थे। इस मैच को देखने के लिए भीड़ उफन रही थी। क्रिकेट बोर्ड के अनेक प्रबन्ध करने के बाद भी भीड़ को नियंत्रित करना बहुत कठिन हो रहा था। भीड़ इतनी अधिक थी कि मुख्य द्वार के साथ प्रवेश द्वार पर भी बैठने की जगह न होने के कारण खेल देखने के उत्सुक लोग करीब तीन सौ से भी अधिक खड़े खड़े इस मैच को देखकर आनन्द का अनुभव कर रहे थे। इतनी भीड़ को अंदर जाने देने के लिए टिकटों की जाँच करना भी एक कठिन कार्य था। यही कारण था कि मैं लगभग पैंतालीस मिनटों के बाद ही अन्दर प्रवेश कर पाया था। काफी प्रयत्न के बाद मैं बैठने का स्थान पाकर बहुत खुश हुआ था। यह बैठने का स्थान बहुत तंग था। फिर यहाँ से मैच पूरी तरह से दिखाई पड़ता था। अब मेरे बाद और किसी को कोई भी और कहीं भी बैठने का स्थन मिल सके बहुत असंभव था।

जब मैच आरम्भ हुआ, तब उस समय लगभग दस बज रहे थे। खेल के शुरू होने के पहले दोनों टीम के अम्पयारों ने खेल के मैदान में आधार क्रीज का निरीक्षण किया। कुछ देर के बाद भारतीय टीम के सदस्य टीम के कप्तान के नेतृत्व में मैदान में आये। दूसरी ओर AUSTRALIA के टीम के कप्तान के नेतृत्व में मैदान में आये। जब भारतीय खिलाडि़यों का खेल आरम्भ हुआ, तब सबसे पहले प्रसिद्ध गेंदबाज ISHANT SHARMA ने गेंदबाजी की। पहले दो तीन गेंदें खेलने में बाथम को थोड़ी कठिनाई हुई किन्तु चौथी गेंद पर उसने भागकर दो रन लिए। इसके बाद उसने एक और गेंद पर चौका मारा। ओवर समाप्त होने के बाद दूसरे छोर से R ASHWIN ने गेंदबाजी शुरू की। संयोग की बात यह है कि ASHWIN की पहली गेंद पर रेण्डल कैच आउट हो गए। खेल में जान सी आ गई। अब तक AUSTRALIA की रन संख्या सात विकेट पर 423 हो गई थी। इसके बाद विलीस मैदान पर उतरे, किन्तु वे भी बहुत देर तक पिच पर नहीं टिक सके। भारत के कुशल गेंदबाजों ने खेल शुरू होने के एक घण्टे के भीतर ही AUSTRALIA की सारी टीम आउट कर दी।

अब भारतीय खिलाडि़यों की बारी आई। यह बारी दस मिनट के बाद ही आई थी। SHIKHAR DHAWAN और प्रसिद्ध खिलाड़ी MURLI VIJAY ने अपनी अपनी पारी के द्वारा खेल को आरम्भ कर दिया था। AUSTRALIA की ओर से प्रसिद्ध गेंदबाज एम.सी.सी. ने गेंदबाजी शुरू की थी। DHAWAN खेल में एक जुट हो गए थे। पहले ओवर में केवल दो रन बने। खेल चलता रहा कुछ देर बाद भारत के दोनों बल्लेबाजों ने खुलकर खेलना शुरू किया और खेल के पहले घण्टे में 40 रन बने। इसके बाद विलीस की एक गेंद पर VIJAY आउट हो गए और उनका स्थान लेने के लिए RAHANE आए। दुर्भाग्य से RAHANE भी अधिक देर तक पिच पर नहीं ठहर सके और अभी उनकी व्यक्तिगत रन संख्या 26 ही थी कि वे बौथम की गेंद पर कैच आउट हो गए। भारत बहुत कठिन स्थिति में फँस गया था। उसके दो शीर्षस्थ बल्लेबाज केवल 60 रनों पर ही आउट हो गए थे। इसके बाद VIRAT KOHLI आए और दर्षकों ने तालियाँ बजाकर उनका स्वागत किया। निश्चय ही VIRAT KOHLI का खेल बहुत शानदार रहा। उनकी रन बनाने की गति अद्भुत थी। शायद ही कोई गेंद ऐसी होती थी जिस पर वे रन न बना पाते हों। उन्होंने अगले आधे घण्टे के खेल मं ही अपनी व्यक्तिगत रन संख्या 40 तक पहुँचा दी। DHAWAN उनका जम कर साथ दे रहे थे। VIRAT KOHLI ने इस बीच विलीस की गेंद पर एक जोरदार छक्का मारकर दर्शकों के मन को मुग्ध कर दिया था। उसके बाद DHAWAN कैच आउट हो गए और चायकाल के समय भारत की रन संख्या तीन विकेट पर 140 तक पहुँच गई। उस दिन के मैच में VIRAT KOHLI की धुआंधार बल्लेबाजी मुझे सदैव स्मरण्र रहेगी।

अपनी आँखों से देखे हुए इस क्रिकेट मैच का जो मुझे आनंद और सुख का अनुभव प्राप्त हुआ, वह आज भी मुझे बार बार याद दिलाता है। यही कारण है कि मैं जब कभी अवसर प्राप्त करता हूँ तो कोई न कोई क्रिकेट मैच देखने के लिए अवश्य लालायित और मचल जाता हूँ। मुझे बार बार इस देखे गए क्रिकेट मैच को उत्साहवर्द्धक और रोचक दृश्य इस खेल के प्रति अद्भुत लगाव उत्पन्न कर देते हैं। मैंने जब से इस क्रिकेट मैच का आनंद और सुख प्राप्त किया तब से इसकी बार बार प्रशंसा सबसे किया करता हूँ।

वास्तव में मुझे इस खेल के प्रति जो झुकाव और आकर्षण है, वह इस मैच के देखने के कारण ही है। इसलिए मैं आज भी अन्य खेलों में भाग लेते हुए भी क्रिकेट को अधिक महत्व देता हूँ।