आतंकी द्वारा कहीं किसी बड़े नेता को निशाना बनाने की साजिश तो नहीं थी ….

गुजरात के राजकोट और भावनगर से एटीएस ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के दो संदिग्ध आतंकवादियों को पकड़ा था. सूरत से पकड़े गए आईएस के आतंकियों ने पूछताछ में किया खुलासा  कि गुजरात चुनाव से पहले वहां बड़ी आतंकी घटना को दे सकते थे,अंजाम.

पालघर में 12 किलो आरडीएक्स छुपा कर रखे गए थे. इससे ज़रिये वो गुजरात में बड़े वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे.पूछताछ में आतंकियों ने महाराष्ट्र के रास्ते पालघर में 12 किलो आरडीएक्स लाने कि बात कही,और वहां के जंगलों में छुपाकर रखे थे.

इस बात कि जांच की जा रही है कि कहीं वे वसीम और नईम नामक दोनों संदिग्ध आतंकियों के आलाकमान के संपर्क में थे. दोनों संदिग्धों के पास से अहम दस्तावेज मिले थे.दोनों सगे भाई हैं. वसीम और नईम के पिता आरिफ सौराष्ट्र यूर्निवसिटी में कर्मचारीथे.

हैरान  करने वाली बात ये हैं कि उनके पास से जब्त किए लैपटॉप में बम बनाने की टेक्नोलॉजी थी. इसके अलावा, बरामद मोबाइल में बम बनाने का वीडियो था.

अहम दस्तावेजों के अलावा, संदिग्धों के पास सुतली बम, गन पाउडर और बैटरी मिली थी. पिछले एक महीने से एटीएस की वसीम और नइम की गतिविधियों पर पैनी नजर थी.

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि इस्लामिक स्टेट से प्रभावित 67 युवकों को देश के अलग-अलग कोनों से गिरफ्तार किया गया है.

ये लोग आतंकी हमले का योजना बना रहे थे. लेकिन केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और स्टेट एजेंसियों कि सतर्कता और सहयोग से इन लोगों को पकड़ा गया और खतरनाक साजिश टल गई.