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अब नेताओ को जेल जाने की ज़ेहमत नहीं उठानी पड़ेगी: नीतीश कुमार…

बिहार सुधारात्मक प्रशासनिक संस्थान’ के उद्घाटन के मौके पर बोले नीतीश. बिहार में अब नेताओ को जेल जाने की ज़ेहमत नहीं उठानी पड़ेगी, वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये कैदियों की परेशानियों को समझने और नजदीक से देखने की कोशिश करेगे.

बिहार की सभी जेलों में अगले साल से हो सकती है, वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा में नीतीश कुमार के अनुसार आपातकाल के दौरान राजनीतिक कारणों से जेल जाना पड़ा था. वहां जाकर कैदियों की परेशानियों को समझने और नजदीक से देखने का मौका मिला था.

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जेलों के आधुनिकीकरण के लिए प्रयासरत है बिहार सरकार.नीतीश ने 1970 कक्षपालों को नियुक्ति पत्र भी बांटे. अगले साल तक राज्य के सभी जेलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि सरकार जेलों के आधुनिकीकरण के लिए प्रयासरत है.वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर में ‘बिहार सुधारात्मक प्रशासनिक संस्थान’ के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा,जेलों में कैदियों की सुनवाई के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा के लिए कार्य प्रगति पर है.

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उम्मीद  है कि राज्य के सभी जेलों में अगले साल से यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी.लगातार कैदियों के भागने या अन्य तरह की घटनाओं को मद्दे नज़र रखते हुए,जेलों में  वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी जिससे ऐसी घटनाओं में कमी आएगी.

अपने संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने कहा, मुझे भी आपातकाल के दौरान राजनीतिक कारणों से जेल जाना पड़ा था. वहां  कैदियों की परेशानियों से रूबरू हुआ था बहुत करीब से उनकी परेशानियों को समझने और देखने का मौका मिला था.

मुख्यमंत्री ने राज्य की आठ केंद्रीय जेलों में बहुउद्देश्यीय सभागारों की नींव रखी तथा ई-प्रिजन योजना के तहत राज्य के सभी 55 जेलों के कामकाज को ‘पेपरलेस’ बनाने के लिए इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) प्रणाली का उद्घाटन किया.मुख्यमंत्री ने इन जेलों में 56 टेलीफोन केंद्रों और 11 जेलों में कैंटीन की भी शुरुआत की.

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