नोटबंदी की पहली सालगिरह के मौके पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी  गुजरात के सूरत पहुंचे. राहुल ने वह व्यापारियों से मुलाकात कर नोटबंदी तथा जीएसटी को लेकर उनकी शिकायतें सुनीं.राहुल गाँधी ने मोदी सरकार पर एक बार फिर तीखा प्रहार किया .राहुल गांधी ने कहा कि अगर मोदी सरकार बड़े उद्योगपतियों पर किए गए खर्च का 15 फीसदी भी सूरत में लगाती तो तस्वीर कुछ और ही होती.

राहुल ने यहां कारोबारियों को विश्वास दिलाने की कोशिश की, की कांग्रेस उनके दुःख दर्द मे उनके साथ हैं. उन्होंने कहा ‘मैं जो वादा करता हूं.उसे पूरा भी करता हूँ.राहुल गांधी को थोड़ी असहजता भी महसूस हुए जब ,जब न्यू टेक्सटाइल मार्केट में कुछ लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए.

राहुल ने यहाँ के  एम्ब्रॉयडरी वर्कर्स से भी मुलाकात की. ‘राहुल ने उनकी समस्याओं के बारे में पूछा और उनके साथ एम्ब्रॉयडरी पर भी हाथ आजमाया. खबरों के अनुसार लोगो को  उनसे मिलकर काफी ख़ुशी हुई.जीएसटी की वजह से काफी लोगो की आमदनी पर चोट पड़ा है.’

राहुल सूरत के प्रसिद्ध हीरा कारोबार के केंद्र पर भी पहुंचे और उन्होंने हीरा व्यापारियों की समस्याएं सुनीं. और वर्कर्स से हीरा तराशने के गुर भी सीखे. नोटबंदी से हीरा व्यापारियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

राहुल गांधी ने अपने  सूरत के दौरे मे विभिन्न मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के साथ साथ कपड़ा, एम्ब्रॉयडरी, डाइंग आदि यूनिट्स का  भी दौरा किया और वहां वर्कर्स से मिले. राहुल सूरत  नोटबंदी की पहली वर्षगांठ पर सूरत में आयोजित कैंडल लाइट जुलूस में भी शामिल होंगे.

मीडिया से बातचीत में राहुल ने कहा कि जीएसटी के पांच स्लैब काम नहीं कर सकते. राहुल गाँधी के अनुसार ‘हमने टैक्स की अधिकतम सीमा 18% पर रखने की मांग की थी, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई. हमारा प्वाइंट बेहद सामान्य है, जीएसटी में सुधार की जरूरत है.

राहुल गांधी ने अपनी सूरत में  यात्रा के दौरान  सड़क किनारे एक गुमटी पर रुक कर चाय भी पी.उन्होंने कहा, ‘एक साल पहले नोटबंदी ने देश के गरीब किसानों, छोटे-मंझोले व्यापारियों पर हमला कर दिया.