अम्बेडकर जयंती पर सहारनपुर में सांप्रदायिक हिंसा का केस सामने आया है| गुरुवार को दो समुदायों के बीच स्टोन-पेल्टिंग की घटनाओं में कई लोग घायल हो गए| जिनमें स्थानीय एमपी और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल थे। सदक दुधली गांव में अम्बेडकर जयंती को चिह्नित करने के लिए एक रैली के दौरान संघर्ष हुआ।

दलितों द्वारा अम्बेडकर जयंती पर निकली जा रही थी शोभा यात्रा

दलितों द्वारा शोभा यात्रा पर मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने आपत्ति जताई थी. क्योंकि यह उत्तरार्द्ध के इलाके से गुजरती| जिसके बाद मामला बढ़ गया। स्थानीय प्रशासन ने शोभा यात्रा की अनुमति से इनकार कर दिया था| लेकिन फिर भी इसे बाहर ले जाया गया। 7 साल में पहली बार जुलूस को बाहर ले जाया गया।

पीटीआई के मुताबिक, सांसद राघव लखनपाल शर्मा और एसएसपी कुमार भी वहां मौजूद थे| दोनों पक्षों से आने वाले पत्थर में वो भी घायल हो गए| उन्होंने कहा कि कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए हैं। इस को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों समूहों को शांत कर दिया। हालांकि, अपने समर्थकों के साथ सांसद एसएसपी के आधिकारिक निवास के बाहर पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा रैली की मांग के निलंबन का विरोध करना शुरू कर दिया, पुलिस ने कहा।

अम्बेडकर जयंती जुलूस पर सहारनपुर में सांप्रदायिक हिंसा

सांसद के एक प्रवक्ता ने पीटीआई को बताया, एक शांतिपूर्ण रैली को बीआर अंबेडकर की जयंती के मौके पर निकाला जाना था|पर अचानक एक मुस्लिम समूह ने हमला शुरू कर दिया| इस घटना में सांसद घायल हो गए। एसएसपी ने बताया कि प्रशासन द्वारा रैली के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। मोहम्मद अयूब, स्थानीय ग्रामीण ने मिडिया को बताया 75 प्रतिशत असामाजिक तत्व बाहरी होते है।

पुलिस ने उन्हें सलाह दी थी कि उन्हें जुलूस नहीं लाना चाहिए क्योंकि उन्हें अनुमति नहीं है| सख्त कार्यवाही करते हुए, पुलिस ने पत्थर फेकने वालो को चिन्हित कर दिया है| उन्होंने बताया बहुत जल्दी ही कार्यवाही करते हुए शरारती तत्वों को गिरफ्तार किया जायेगा| भारी पुलिस तैनाती के साथ शुक्रवार सुबह सामान्य स्थिति थी।

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Pankaj Sharma
देश की राजनीति से जुडी ख़बरों पर कड़ी नजर रखते हैं. फिल्में देखने का है शौक. नयी जगहों पर घूमना अत्याधिक पसंद