एक साल में भारत ने खोये अपने 383 जवान, अधिकांश की मौत पाक फायरिंग तथा आतंकवाद से

IB के डायरेक्टर ने राजीव जैन ने पुलिस स्मारक दिवस के मौके पर जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए आज बताया कि भारत इस साल अपने 383 जवान खो चूका है जो कि दुखद हैं. और हमारे अधिकांश जवानों कि मौत सीमा पर पाकिस्तान से होने वाली गोलीबारी तथा कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ की वजह से हुई है.

जैन ने बताया कि सितंबर, 2016 से अगस्त, 2017 तक हमने देशभर में पुलिसफोर्स के 383 जवानों को खोया है। इनमें यूपी पुलिस के 76, बीएसएफ के 56, सीआरपीएफ के 49, जम्मू-कश्मीर पुलिस के 42, छत्तीसगढ़ पुलिस के 23, पश्चिम बंगाल के 16, दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ के 13, बिहार और कर्नाटक पुलिस के 12-12 और आईटीबीपी के 11 जवान शामिल हैं।

army martyr

ज्यादातर जवानों की शहादत सीमा पर पाकिस्तान की ओर से होने वाली फायरिंग, कश्मीर में आतंकियों से एनकाउंटर, नक्सली मुठभेड़ और अन्य लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान हुई।

पुलिस स्मारक दिवस पर राजनाथ सिंह थे मौजूद

पुलिस स्मारक दिवस के मौके पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे. मालूम हो कि इस दिन 1959 को चीनी सैनिकों कीफायरिंग में देश के 10 जवान शहीद हो गए थे. उनके साथ ही देश उन 34 हजार जवानों की याद में पुलिस स्मारक दिवस मनाता है जो देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए.