वामपंथियों पर गरजे जेटली, हमेशा ही देशविरोधी रहे हैं कम्युनिस्ट

मथुरा: केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने रविवार को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) विवाद पर वामदलों पर हमला बोलते हुए उन्हें देश विरोधी करार दे डाला। उत्तर प्रदेश के मथुरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM ) के राष्ट्रीय अधिवेशन में बोलते हुए जेटली ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी महात्मा गांधी का विरोध करती थी और वे भारत को स्वायत्ता दिए जाने के खिलाफ थे।

Arun jaitely takes on left, communists are anti nationalsउन्होंने आगे कहा कि जब भारत को स्वतंत्रता मिली तो सभी वाम दल लोकतंत्र के खिलाफ थे। वाम दल भारत के हिंसक बटवारे में विश्वास रखते हैं। देश के खिलाफ बोलने की परंपरा में ये दल विश्वास रखते हैं। देश में जब आपातकाल लगा था, तब वामदल ही थे जिन्होंने कांग्रेस का इस कदम पर समर्थन किया था।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर जेटली ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल जेएनयू विवाद पर गंदी राजनीति कर रहा है। इसी हफ्ते जेल से छूटने के बाद जेएनयू में कन्हैया कुमार के भाषण पर टिप्पणी करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि यह विचारधारा कि लड़ाई है जिसमें भाजपा की जीत हुई है।

उन्होंने कहा, जब कन्हैया जेल से निकलकर आए, तो उन्हें तिरंगा दिखाकर भारत माता की जय बोलना पड़ा। यह हमारी वैचारिक जीत थी। बीजेवाईएम के इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने जेएनयू मुद्दे पर विपक्ष पर जमकर हमला बोला। शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि देश-विरोधी लोगों का समर्थन करने पर पार्टी (कांग्रेस) को अपने उपाध्यक्ष की इस हरकत पर शर्म आनी चाहिए।

जब गांधी ने ‘भारत छोड़ो’ की आवाज उठाई तो उसी कम्युनि‍स्ट पार्टी ने स्वतंत्रता आंदोलन का विरोध किया था। देश को आजादी मिली तो वामपंथियों की विचारधारा थी कि वे लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते हैं। उनकी विचारधारा हिंसा के जरिए देश के टुकड़े-टुकड़े करने की थी। वर्ष 1962 में चीन से भारत की लड़ाई हुई तो कम्युनि‍स्टों ने कहा कि आक्रमण चीन ने नहीं, बल्कि भारत ने किया है। उनकी परंपरा देश के हित के खिलाफ बोलने की रही है।

जेटली ने कांग्रेस शासन का हवाला देते हए  कहा कि दस साल तक देश ने ऐसी व्यवस्था देखी जिसमें प्रधानमंत्री को निर्णय लेना और लागू करने का अधिकार नहीं था। इसलिए देश की जनता ने नरेंद्र मोदी जी की तरफ देखा।

आज वैचारिक लड़ाई के लिए नया दौर शुरू हुआ है। कोई याकूब मेनन की याद में कार्यक्रम करना चाहता है कोई अफजल गुरु की याद में। जेएनयू में एक छोटा वर्ग जिहादियों का और बड़ा वर्ग माओवादियों का था। वहां देश तोड़ने के नारे लगे और दुर्भाग्य इस देश का था। दुर्भाग्य है कि आज तक मुख्यधारा में रही कांग्रेस पार्टी के नेता (राहुल गांधी) इन लोगों के पास सहानुभूति प्रकट करने को साथ चले गए। ऐसा कभी भी गांधी, नेहरू, अंबेडकर, इंदिरा और राजीव ने नहीं किया था। इसके बावजूद हमने राष्ट्रीय जिम्मेवारी को निभाया और हमारी विजय हुई। जो (कन्हैया कुमार) भारत के टुकड़े का नाम लेकर जेल गए, उन्हें जय हिंद और भारत का झंडा दिखाकर बोलना पड़ा।

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सम्मलेन में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक अनुराग ठाकुर और मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी वामपंथियों और कन्हैया कुमार और राहुल गांधी पर निशाना साधा. शिवराज सिंह चौहान ने तो नरेंद्र मोदी को को देश के लिए वरदान बता डाला.