Advertisements

अरुणिमा के संघर्ष भरे दौर और एवरेस्ट फतह की कहानी जल्द फ़िल्मी पर्दे पर…

कई दिग्गज खिलाड़ियों के बाद अब विश्व रिकॉर्ड धारी पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा की संघर्षगाथा भी फिल्मी पर्दे पर  जल्द नज़र आएगी.

Advertisements

आखिरकार अरुणिमा सिन्हा के जीवन पर फिल्म बनने की बात सही होती दिख रही हैं.’द लंचबॉक्स’ जैसी बेहद प्रशंसित फिल्म बनाने वाली ‘डार मोशन पिक्चर्स’ ने उनके जीवन पर फिल्म बनाने का फैसला किया है.

अरुणिमा ने शुक्रवार को दिए अपने एक इंटरव्यू दौरान कहा  कि डार मोशन पिक्चर्स ने उनके जीवन पर फिल्म बनाने का फैसला किया है.अरुणिमा ने एक नकली पैर के सहारे एवरेस्ट को फतह किया .

Advertisements

अरुणिमा के अनुसार यह फिल्म वर्ष 2018 तक पूरी हो जाएगी। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री कंगना रनाउत ने अरुणिमा के किरदार निभाने में सहमति दी हैं।कंगना फिल्म का निर्देशन भी करना चाहती हैं.

अरुणिमा के संघर्षपूर्ण जीवन पर फिल्म बनाने में फिल्म निर्देशक एवं अभिनेता फरहान अख्तर ने भी दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन रॉयल्टी संबंधी अरुणिमा की शर्तों पर बात नहीं बन पाई.

Advertisements

अरुणिमा के अनुसार  फिल्म बनाने के लिए डार मोशन पिक्चर्स ने उनसे संपर्क किया था। शुरू में इस फिल्म को हिंदी में बनाकर फिर बाद में सब टाइटल का इस्तेमाल करके इसे पूरी दुनिया में प्रदर्शित किया जाएगा। फिलहाल फिल्म का नाम तय नहीं हुआ.

अरुणिमा के संघर्ष भरे दौर में उनका साथ देने वाले उनके बहनोई और एवरेस्ट पर आरोहण के दौरान उनका साथ देने वाले शेरपा के किरदारों के लिए अनुमान लगाया जा रहा हैं कि इरफान खान और रणदीप हुड्डा निभा सकते हैं ये किरदार, हालांकि अभी इन नामो पर मोहर नहीं लगी हैं अभी .

अरुणिमा को अप्रैल 2011 में कुछ बदमाशों ने लूट का विरोध करने पर ट्रेन से फेंक दिया था. और दूसरी पटरी पर आ रही ट्रेन की चपेट में आने से उनका एक पैर कट गया था।

निराशा के अंधेरों के बीच अपने मजबूत इरादों के साथ अरुणिमा ने ज़िन्दगी को जीना  फिर से शुरू किया और अपने मनोबल के सहारे उन्होंने एवरेस्ट को फतह किया .

एक कृत्रिम पैर के सहारे 21 मई 2013 को दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एवरेस्ट को फतह किया था। उनकी संघर्षगाथा और उपलब्धियों को देखते हुए सरकार ने उन्हें पद्मश्री अवार्ड से भी नवाजा हैं.