समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुआ है| मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) लखनऊ, संध्या श्रीवास्तव ने सोमवार को 29 सितम्बर, 2015 को रामपुर में एक संवाददाता सम्मेलन में आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल करने के लिए पूर्व मंत्री आज़म खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया।

आज़म खान ने अमिताभ ठाकुर के खिलाफ प्रयोग की गलत भाषा

आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने 2015 में उनके खिलाफ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ अनुचित भाषा का इस्तेमाल करने के लिए खान के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी।| खान ने अपने मूल स्थान रामपुर में अमिताभ के खिलाफ बुरे शब्दों का इस्तेमाल किया था और उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था में एक धब्बा कहा था।। अदालत ने 13 दिसंबर, 2016 को आज़म खान को समाज में घृणा फैलाने के लिए मानहानि के लिए और धारा 153, 153 ए, 504, 505 आईपीसी के तहत शिकायत दर्ज की। जिसके बाद व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए समन जारी किया गया।

सपा नेता आज़म खान के खिलाफ वारंट जारी

2015 में, बरेली में बोलते हुए, खान ने आरएसएस सदस्यों की तुलना समलैंगिकों के साथ तुलना करके एक और विवाद को जन्म दिया था। खान ने कहा था कि आरएसएस के सदस्य अविवाहित हैं क्योंकि वे समलैंगिक हैं। खान ने राष्ट्र के पिता की हत्या के लिए आरएसएस को भी महात्मा गांधी को दोषी ठहराया था। खान ने इस साल के शुरूआती दौर में आरएसएस संगठन पर हमला करने की कोशिश की थी और संविधान को “अपमानित” करने का प्रयास किया था।

हालांकि, आज़म सोमवार को अदालत में पेश नहीं हुए। नतीजतन, अदालत ने अगले 10 मई, 2017 को सुनवाई के लिए जमानती वारंट जारी कर दिया| 10 मई 2017 को कोर्ट ने 10,000 रूपए के निजी बांड के साथ जमानती वारंट जारी किया|

ज्ञात हो कि आज़म खान समाजवादी पार्टी के ताकतवर नेता रहे है| अक्सर यह विवादों में घिरे रहते है| आज़म रामपुर से सपा विधयक है| आज़म खान के वकील ने कहा है कि वो व्यस्त होने के कारन कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सके| हम अगली सुनवाई पर कोर्ट द्वारा दिए गए समन का जवाब देंगे|

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Pankaj Sharma
देश की राजनीति से जुडी ख़बरों पर कड़ी नजर रखते हैं. फिल्में देखने का है शौक. नयी जगहों पर घूमना अत्याधिक पसंद