2006 में अमृतसर के जेल मे जन्मी पाकिस्तानी लड़की हिना, गुरुवार को अपने वतन लौट रही हैं.हिना को अपनी मां और मौसी के साथ पाकिस्तान जाने की इजाजत मिल गई है.

फ़ातिमा और मुमताज़ को आठ मई, 2006 को अटारी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तब गिरफ़्तार किया गया था, जब वे सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहीं थीं.

इन दोनों की गिरफ़्तारी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटैंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत हुई थी.फ़ातिमा को जब गिरफ़्तार किया गया था,उस वक्त वो गर्भवती थीं और जेल में ही हिना का जन्म दिया.

हिना का जन्म जेल मे ही हुआ था, हिना का घर जेल ही था एक तरह से,जेल में रहने के दौरान हिना ने सरकारी स्कूल में पढ़ना शुरू कर दिया था.

हिना जेल स्कूल में पांचवीं कक्षा में पहुंच गई थी.हिना के शिक्षकों के मुताबिक हिना काफ़ी इंटेलिजेंट हैं और पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी में पढ़ना लिखना सीख रही हैं.

अमृतसर जेल के अधिकारियों ने तीनों को पंजाब पुलिस के सुपुर्द कर दिया है.उनके साथ उनकी वकील नवजोत कौर छब्बा और उनकी मदद करने वाली एनजीओ के लोग भी हैं.

हिना ने एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू मे कहा की वो नवजोत मौसी को बहुत मिस करेगी, हिना ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा था,जिसमें उनकी रिहाई की प्रक्रिया को जल्दी निपटाने का अनुरोध किया था.

हिना ने अपनी रिहाई से पहले पंजाबी लोक गीत बोलियां भी गा कर सुनाया .हिना ने जेल में साढ़े दस साल से ज़्यादा बिताये हैं,अब वह अपने परिवार से मिल पाएंगी.”फ़ातिमा के अनुसार  पाकिस्तान लौटने पर वो अपनी बहन मुमताज़ की जल्द से जल्द शादी करने की तैयारी करेंगी.

दोनों महिलाओं पर लगे चार लाख रुपये ज़ुर्माने की रकम चुकाने के लिए स्थानीय एनजीओ के सामने आने से इनकी रिहाई जल्दी हो पाई.जुर्माने की रकम बाटला स्थित एक एनजीओ के प्रमुख नवतेज सिंह ने चुकाई है.

नवंबर,2016 में इनकी साढ़े दस साल की सजा भी पूरी हो गई थी.फातिमा के वकील छब्बा के अनुसार ज़ुर्माने के चार लाख रुपये सात अप्रैल, 2017 को बैंक में जमा करा दिए गए हैं.ज़ुर्माना ना चुका पाने की स्थिति में दोनों महिलाओं को दो-दो साल और जेल में बिताने पड़ते.

पाकिस्तानी महिलाओं की वकील नवजोत कौर छब्बा के मुताबिक रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास और अमृतसर जेल के डीजीपी से रिहाई की मंजूरी मिल चुकी है.

वकील नवजोत कौर को गृह मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा जानकारी मिली थी हिना,उनकी मां फ़ातिमा और फ़ातिमा की बहन मुमताज़ की रिहाई की.

सीमा पार पाकिस्तान में, सैफ़ुलुद्दीन रहमान अपने छह बच्चों के साथ अपनी पत्नी, साली और 11 साल की बेटी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं.सैफ़ुलुद्दीन रहमान अपनी पत्नी और बेटी को लेने के लिए वाघा सीमा तक जाएंगे और उसके बाद उन्हें लेकर प्रार्थना करने दरगाह पर जाएंगे.