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Bhagvan ki parrikrama mein kin baton ka dhyan rakhna chahiye?

पूजा अर्चना के बाद भगवान की मूर्ति के आस पास सकारात्मक ऊर्जा एकत्रित हो जाती है, इस ऊर्जा को ग्रहण करने के लिये परिक्रमा की जाती है। सभी देवी देवताओं की परिक्रमा की अलग अलग संख्या है।
जानिए किस देवी देवता की कितनी परिक्रमा का महत्व है –
शिवजी की आधी परिक्रमा की जाती है। देवी मां की तीन परिक्रमा की जानी चाहिए। भगवान विष्णु एवं उनके सभी अवतारों की चार परिक्रमा करनी चाहिए। श्री गणेश जी और हनुमान जी की तीन परिक्रमा करने का विधान है।
परिक्रमा के संबंध में नियम परिक्रमा शुरू करने के बाद बीच में रूकना नहीं चाहिए। साथ परिक्रमा वहीं खत्म करें, जहां से शुरू की गई थी। ध्यान रखें कि परिक्रमा बीच में रोकने से वह पूर्ण नहीं मानी जाती। परिक्रमा के दौरान किसी से बातचीत कतई न करें। जिस देवता की परिक्रमा कर रहे हैं, उनका ही ध्यान करें। इस प्रकार परिक्रमा करने से पूर्ण लाभ की प्राप्ति होती है।

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