गोरखपुर- पिछले 12 दिनों में 175 बच्चों की मौत

गोरखपुर: योगी आदित्यनाथ के गढ़ रहे गोरखपुर में बच्चों की मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों से उठे बवाल के बाद भी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाये हैं.child

यूँ तो BRD अस्पताल में मौतों का सिलसिला पिछले 30 सालों से चल रहा है परन्तु इस बार मौत का तांडव अत्यंत उग्र है.

योगी आदित्यनाथ पिछले 17 सालों से गोरखपुर के MP थे और अब प्रदेश के मुख्यमंत्री परन्तु मौतें जारी हैं. सरकार समर्थकों का कहना है कि मौतें पहले भी होती थीं और अब भी हो रहीं हैं. इसमें नया क्या है

बीते तीन महीनों में यहां मरने वाले बच्चों की संख्या एक हज़ार तक पहुंचने को है. अगस्त में 378 मौतें हुई थीं और तब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा था कि अगस्त में यहां हर साल बड़ी तादाद में मौतें होती ही हैं. लेकिन सितंबर में यह संख्या बढ़कर 433 हो गयी और अब अक्टूबर के शुरूआती बारह दिनों में 175 बच्चे यहां अंतिम सांस ले चुके हैं.

मौत का कारण जापानी बुखार या कुछ और

सालों तक यहां बच्चों की मौतों का जिम्मेदार इंसेफेलाइटीस या दिमागी बुखार को माना जाता था और सारी मेहनत इसी की रोकथाम के लिए होती थी परन्तु इस बार वजह कुछ और ही नजर आरही है.

ऐसा इसलिए क्योंकि इस साल अब तक यहां बच्चों की लगभग दो हज़ार मौतों में इन्सेफेलाय्तिस से मरने वालों की संख्या केवल 333 है. जाहिर है बड़ा खलनायक कोई और है.

पिछले चौबीस घंटों में फिर यहां 16 बच्चों की मौत हो गयी है. डॉक्टरों के अनुसार कई बार लोगों के देर से पहुँचने की वजह से भी केस बिगड़ जा रहा है.  लोग हालात के बदतर होने के बाद अस्पताल पहुँच रहे हैं जिससे बच्चे के बचने की सम्भावना घट जाती है.