क्या चित्रकूट की जीत का असर दिखेगा गुजरात में ?

नयी दिल्ली : जिस चित्रकूट में भाजपा ने यूपी के सीएम को लगाकर पूरी ताक़त झोंक दी थी वहां कांग्रेस को थोड़ी सी मशक्कत से विधानसभा उपचुनाव में जीत मिल गई.

विशेषज्ञों का मानना है की ये गुजरात चुनाव के पहले कांग्रेस की रिहर्सल और बीजेपी के लिए खतरे की घंटी है.यही नहीं अगले साल मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं. ऐसे में चित्रकूट की जीत के गहरे अर्थ निकले जा रहे हैं.
कांग्रेस ने चित्रकूट में

चित्रकूट के उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार नीलांशु चतुर्वेदी ने भाजपा उम्मीदवार शंकरदयाल त्रिपाठी को रिकार्ड 14135 मतों से हराया. बीजेपी के लिए ये जीत चिंता का बड़ा सबब बन गई है तो कोंग्रेस गुजरात चुनाव के पहले इसमें नई सम्भावना तलाश कर रही है.

चित्रकूट के उपचुनाव में मिली जीत का लाभ कांग्रेस को अगले महीने गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों में मिल सकता है.

चित्रकूट के चुनाव ने जहाँ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की प्रतिष्ठा ध्वस्त हुई है तो यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी संकेत मिल गए हैं. क्यूंकि दिवाली पर अयोध्या के बाद चित्रकूट के रामघाट को भी दीपों से सजाया गया था.

योगी ने चित्रकूट के कामदगिरी मंदिर की पांच किलोमीटर की परिक्रमा में भी हिस्सा लिया था.योगी को लगा था इसका लाभ चुनाव में भी मिलेगा लेकिन चित्रकूट ने उनकी धर्म की राजनीति को नकार दिया.

यहाँ यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या भी प्रचार करने आये थे. गुजरात और मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह जीत कांग्रेस कैडर के लिए एक तरह की बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत है.